मां, जल्दी लौटूंगा…और फिर बेटा लौटेगा तिरंगे!
मेरठ/पुंछ/लखनऊ : यूपी के मेरठ जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव पस्तरा में मातम पसरा हुआ है। 20 वर्षीय अग्निवीर सैनिक ललित कुमार जम्मू के पुंछ सेक्टर में बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हो गए। अभी महज़ डेढ़ साल पहले ही उसने देशसेवा का बीड़ा उठाया था, और अब वो भारत मां की गोद में अमर हो गया। ललित की ये पहली पोस्टिंग थी और 9 जुलाई को ही वो छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था। उसने जाते वक़्त मां से कहा था, “जल्दी फिर आऊंगा”… लेकिन अब लौटेगा तो तिरंगे में लिपटा हुआ।
3 जवान घायल, एक हो गया अमर
पुंछ में नायब सूबेदार हरिराम, हवलदार गजेंद्र सिंह और ललित कुमार अपनी चौकी के पास नियमित गश्त कर रहे थे। तभी लैंड माइंस ब्लास्ट हुआ। तीनों घायल हो गए। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान ललित ने अंतिम सांस ली।
गांव का बेटा, परिवार की उम्मीद
ललित कुमार, पस्तरा गांव निवासी राजपाल का सबसे छोटा बेटा था। तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा, लेकिन सपनों से सबसे बड़ा। मां-बाप की मदद, बहन की शादी, भाइयों की पढ़ाई, ये सब ललित की जिम्मेदारी थी। पिता राजपाल मज़दूरी करते हैं, मां सरोज बेटे की शहादत की खबर सुनकर अचेत हो गईं। ललित छुट्टी के दौरान कहकर गया था, “बहन की शादी जल्दी करनी है, जल्दी छुट्टी लेकर फिर आऊंगा।”
अग्निपथ की अग्निपरीक्षा में अमर हुआ ललित
‘अग्निपथ योजना’ में भर्ती हुए ललित कुमार देश के लिए बलिदान देने वाले पहले कुछ अग्निवीरों में से एक बन गए। देश के युवा, जो अब अग्निपथ के ज़रिए सेवा कर रहे हैं। उनके लिए ललित एक प्रेरणा बन गए हैं।
हर देशवासी कहे, ललित अमर रहें!
गांव में ललित के पार्थिव शरीर का इंतज़ार किया जा रहा है। प्रशासन और सेना के वरिष्ठ अधिकारी अंतिम यात्रा की तैयारी में लगे हैं। गांव के हर कोने में एक ही आवाज़ गूंज रही है “भारत मां का सच्चा सपूत… ललित कुमार अमर रहें!”
