टंडोला गांव में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग, शादी का सामान और किराना स्टोर का माल जलकर राख
पीलीभीत : पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव टंडोला में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने एक परिवार की वर्षों की जमा पूंजी को राख में बदल दिया। आग की चपेट में आने से घर में रखा करीब 7 लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड की देरी को नुकसान का बड़ा कारण बताया है।
इरशाद अहमद और उनके भाई अमीर अहमद के घर में लगी आग
जानकारी के अनुसार गांव टंडोला निवासी इरशाद अहमद और उनके भाई अमीर अहमद के घर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
दहेज का सामान और किराना स्टोर का माल हुआ खाक
पीड़ित परिवार के मुताबिक घर में शादी के लिए रखा दहेज का सामान और किराना स्टोर का बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। आग की लपटों में सब कुछ जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
दमकल की देरी पर पीड़ितों ने जताई नाराजगी
पीड़ितों का आरोप है कि गांव से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी पहुंचने में काफी समय लग गया। उनका कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
स्थानीय लोग बोले, तीन साल बाद भी नहीं बना फायर स्टेशन
ग्रामीणों का कहना है कि मुजफ्फरनगर क्षेत्र में करीब तीन वर्ष पहले स्थानीय विधायक द्वारा फायर ब्रिगेड स्टेशन का शिलान्यास किया गया था, लेकिन आज तक उसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। लोगों का मानना है कि यदि नजदीक फायर स्टेशन होता तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था।
विधायक ने बताई फायर स्टेशन न बनने की वजह
भाजपा विधायक बाबूराम पासवान ने बताया कि प्रस्तावित स्थान पर सड़क में अधिक मोड़ होने के कारण फायर स्टेशन की योजना निरस्त हो गई थी। उन्होंने कहा कि एसडीएम द्वारा तीन अन्य स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां भविष्य में फायर स्टेशन स्थापित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
सबसे बड़ी तहसील में फायर स्टेशन न होना बना मुद्दा
घटना के बाद पूरनपुर तहसील क्षेत्र में फायर स्टेशन की आवश्यकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की सबसे बड़ी तहसील में फायर स्टेशन का अभाव आपातकालीन परिस्थितियों में बड़ी समस्या बन रहा है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी
