जनता की शिकायतों को हल्के में लिया, तो होगी कार्रवाई, पोर्टल पर गुणवत्ता ही बनेगी पैमाना
बरेली : जनता की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर, आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और संतोषजनक नहीं हुआ, तो फीडबैक में शून्य पाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीएम का सख्त संदेश
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि “जनता की शिकायतें मज़ाक नहीं हैं, या तो काम करिए, वरना कार्रवाई झेलिए। अगले रिव्यू तक सुधार नहीं दिखा तो कार्रवाई पक्की है।” रोज़ सुबह 10 से 12 बजे अफसर जनता से मिलें। हर अधिकारी को अनिवार्य रूप से दो घंटे ऑफिस में उपस्थित रहना होगा। शिकायतकर्ताओं की बात खुद सुनें। निस्तारण के बाद फोन करके संतोष स्तर जानें, कोई अफसर बच नहीं पाएगा, अगर फीडबैक में ‘0’ मिला
कई विभागों पर डीएम की नाराज़गी
DM ने जिन विभागों पर गंभीर नाराज़गी जताई। पोषण विभाग को पोषाहार समय से नहीं पहुंचने की बात कही। मत्स्य विभाग को रिटायर्ड कर्मचारी की ‘मनमानी शिकायत’ की। विद्युत विभाग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग समेत कई और विभागों में लंबित केस और खराब फीडबैक मिला। डीएम ने स्पष्ट किया कि फिजूल शिकायतों में समय बर्बाद न किया जाए, बल्कि नीतिगत श्रेणी में डालकर आगे बढ़ा जाए।
यह थे बैठक में मौजूद
इस दौरान बैठक में एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह,सभी एसडीएम, ईडीएम, और संबंधित विभागों के अधिकारी
