अलीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान बोले – संविधान हमारी पहचान, लेकिन भाजपा बार-बार कर रही है बदलाव, यूपी में महिलाएं-बेटियां असुरक्षित
अलीगढ़ (एजेंसी) : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अलीगढ़ में एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बीजेपी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता के बीच नफरत फैलाने का रास्ता अपना रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा संविधान में बार-बार बदलाव कर उसकी आत्मा से खिलवाड़ किया जा रहा है। सपा प्रमुख अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ अलीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से अखिलेश यादव ने रामघाट रोड स्थित गोल्डन स्टोन रिजॉर्ट में नजीबा खान जीनत के पुत्री के शादी समारोह में शिरकत की। उनके साथ में सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, सपा नेता अज्जू इश्हाक समेत तमाम प्रमुख सपाई नजर आए। सपाइयों ने जबरदस्त फूल मालाओं से स्वागत किया।
“संविधान हमारी पहचान है, लेकिन भाजपा उसे बदल रही है”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, कि “भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। यह हमारी पहचान और आत्मा है, लेकिन बीजेपी सरकार संविधान के मूल स्वरूप से बार-बार छेड़छाड़ कर रही है। आज देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि भाजपा का एजेंडा विकास नहीं, बल्कि ध्रुवीकरण और विभाजन है। “जहां एक ओर जनता महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था से परेशान है, वहीं भाजपा जनता का ध्यान भटकाकर धार्मिक भावनाएं भड़काने और नफरत फैलाने में जुटी है,” उन्होंने कहा।
“महिलाएं और बेटियां भाजपा राज में असुरक्षित”
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला अपराध चरम पर हैं। “हर दिन बेटियों के साथ बलात्कार, छेड़खानी, अपहरण जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।”
“भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर किया”
सपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब होता है जनता की सरकार, जनता के लिए। लेकिन भाजपा ने सत्ता के मद में लोकतंत्र को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि “आज देश में आवाज उठाने वालों को देशद्रोही कहा जा रहा है, विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने का काम हो रहा है।” एएमयू में मंदिर बनाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि जो बुद्धिजीवी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मंदिर की स्थापना की बात कर रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं कि वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का एक्ट पढ़ लें। इसके बाद ही कोई बात कहें। वक्फ संशोधन बिल पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा द्वारा लाए गए वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल को किसी भी कीमत पर नहीं मानती है।
राणा सांगा विवाद पर बोले
राणा सांगा पर विवादित टिप्पणी पर अखिलेश यादव ने कहा कि रामजीलाल सुमन ने जो कुछ कहा, उसके बाद राज्यसभा के रिकॉर्ड से वह बात हटा दी गई। रिकॉर्ड से हटाई जाने वाली बात खत्म हो जाती है। इस समय भाजपा का रवैया तानाशाह है। यह हिटलर की तरह कार्य करना चाह रही है। सरकार के इशारे पर किसी को भी दोषी बनाया जा रहा है।
देश की अर्थव्यवस्था की बर्बाद
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था का खेल यह है कि यह विश्व गुरु बनना चाहते थे और विश्व में दूसरे-तीसरे नंबर पर पहुंच गए। आज महंगाई चरम पर है । किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है। गेहूं का ऐसा समर्थन मूल्य लागू किया है, जिससे किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। किसान को फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है और बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों को गेहूं खरीदवा रहे हैं। जीएसटी ने व्यापार को बर्बाद कर दिया। जो व्यापारियों को लाभ मिलना चाहिए, वह सरकार नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने बनारस में सीधे अधिकारियों से मुलाकात करके बनारस व प्रदेश में हो रही घटनाओं की जानकारी ली, तो यह उत्तर प्रदेश के सुशासन की पोल खोल रही है। बीएचयू में एक बेटी का बलात्कार हुआ। उसमें आरोपी सब भाजपाई ही निकले। दिल्ली वालों को यूपी सरकार धोखा दे रही है। रोजगार में सरकार आउटसोर्स की नीति इसलिए अपना रही है कि सरकार की मनमानी चल सके और जब चाहे किसी को भी निकाल दिया जाए।
“समाजवादी पार्टी का संकल्प – संविधान और लोकतंत्र की रक्षा”
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी देश की संवैधानिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाजपा की नफरत की राजनीति को समझें और एकता, भाईचारा और तरक्की के रास्ते पर चलें।
“न्याय और विकास की राजनीति जरूरी”
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि देश को जरूरत है न्याय और विकास की राजनीति की, न कि विघटनकारी और डर की राजनीति की। “समाजवादी पार्टी युवाओं, किसानों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और हर तबके के हित के लिए प्रतिबद्ध है।”
काफिले को रोकने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने सपा प्रमुख के काफिले को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें हटाकर रास्ता साफ कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्का हंगामा भी देखने को मिला।प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि अखिलेश यादव को अपने विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में क्षत्रिय समाज सपा का संपूर्ण बहिष्कार करेगा। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस विरोध को भाजपा की राजनीतिक साजिश करार दिया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह विरोध जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। अखिलेश यादव ने किसी समाज का अपमान नहीं किया है।
