संभल/लखनऊ : श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सुरक्षा के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया गया है। संभल पुलिस ने पहली बार ‘जियो ट्रैकिंग’ सिस्टम का इस्तेमाल शुरू किया है। जिससे कांवड़ियों के जत्थों की हर गतिविधि पुलिस कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर रियल टाइम नजर आ रही है।
ऐसे काम करेगी तकनीक
जत्थों के जिम्मेदार सदस्यों के मोबाइल से लाइव लोकेशन ट्रैक की जा रही है। 200 से अधिक CCTV कैमरे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत सक्रिय हैं। इन कैमरों से कंट्रोल रूम में सीधे वीडियो फीड दिखाई जा रही है। पुलिस को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत लोकेशन और गतिविधि की जानकारी मिल रही है। इस प्रणाली की निगरानी सत्यव्रत चौकी के विशेष कंट्रोल रूम से की जा रही है।
संभल की संवेदनशीलता को देखते हुए खास सतर्कता
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल को 24 नवंबर की हिंसा के बाद अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसलिए कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही। RRF और PAC के जवान तैनात किए गए हैं। 12 हज़ार से अधिक कैमरों से पूरे जिले की निगरानी की जा रही है। IPS आलोक कुमार भाटी, जिन्हें संभल में सहायक पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ सर्किल ऑफिसर का प्रभार भी मिला है। इस जियो ट्रैकिंग सिस्टम को लागू करने में मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि हर जत्थे की लोकेशन, मूवमेंट, ठहराव, सब कंट्रोल रूम में नजर में है। यह प्रणाली किसी अनहोनी या अफवाह को रोकने में अत्यंत सहायक होगी।
कांवड़ मार्गों पर विशेष व्यवस्था
सभी मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी दुरुस्त हैं। 11 कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव मोड में हैं। पुलिस एस्कॉर्ट टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई जत्था संवेदनशील इलाके में रुकता है, तो तुरंत कार्रवाई करें।
