छत्तीसगढ़ के करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस का किया दौरा, जवानों को बताया अपना परिवार; बोले- हथियारबंद नक्सलवाद के बाद अब दिमागी नक्सलियों को पहचानना जरूरी
बस्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि 2026 की दिवाली देश के लिए खास है, क्योंकि भारत ने दशकों पुरानी नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, बलिदान और समर्पण को जाता है। पीएम मोदी ने जवानों से कहा कि देश का हर सैनिक उनके परिवार का हिस्सा है। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के त्याग और समर्पण के लिए आभार जताया। साथ ही आगाह किया कि नक्सलवाद का खतरा पूरी तरह समाप्त मानकर लापरवाह नहीं होना चाहिए।
हथियारबंद नक्सलवाद के बाद दिमागी नक्सलियों से सतर्क रहने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में हथियार उठाने वाले माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन दिमागी नक्सलवाद का खतरा अब भी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी विचारधारा से जुड़े लोग विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें परास्त करना जरूरी है, ताकि देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत बनी रहे। उन्होंने संस्कृत की सूक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर बाहरी दुश्मन भी देश को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने CRPF, कोबरा, BSF, ITBP, SSB, IRB, राज्य पुलिस और बस्तर फाइटर्स के जवानों के योगदान की सराहना की।
कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और अभियान शुरू करने के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करता रहा है। जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दिवाली पर देश और दुनिया में करोड़ों लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मना रहे हैं। वह भी जवानों के बीच दिवाली मनाने आए हैं, क्योंकि सीमाओं और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले सभी जवान उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जवानों के बलिदान और समर्पण के कारण बस्तर में अब विकास की नई लहर शुरू हुई है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना, सुरक्षा बलों की उपलब्धियां गिनाईं
पीएम मोदी ने 2004 से 2013 के बीच के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में नक्सलियों के मुकाबले अधिक जवान बलिदान हो रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी समस्या मान लिया था, जिसका कोई समाधान नहीं है। उन्होंने 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि उस साल मुठभेड़ में CRPF के 76 जवान बलिदान हुए थे और एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीति में बदलाव आया। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF का एक भी जवान बलिदान नहीं हुआ। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के शौर्य और सरकार की नीतियों की सफलता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नक्सलियों और अलगाववादियों को मिलने वाले आर्थिक संसाधनों पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए। नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म करने और हथियारों की आपूर्ति रोकने जैसे प्रयासों से उनकी ताकत कमजोर हुई। उन्होंने गरीबी के खिलाफ देश की प्रगति का जिक्र करते हुए दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, विकास और गरीबों के सशक्तीकरण के प्रयासों से देश में शांति और स्थिरता मजबूत हुई है।
