देशभर में धूमधाम से मनाया गया रोशनी का महापर्व, घरों और मंदिरों में विधि-विधान से हुई मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत प्रमुख नेताओं ने दीं शुभकामनाएं
बरेली : देशभर में रोशनी और उल्लास का महापर्व दीपावली धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया। शाम होते ही घरों, बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों को दीपों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। लोगों ने घरों में विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा -अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद दीप जलाकर और आतिशबाजी कर दीपावली का जश्न मनाया गया। बाजारों में भी देर रात तक रौनक बनी रही। मिठाई, सजावटी सामान, दीपक और पूजन सामग्री की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। दीपावली के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को दीपावली की बधाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी अपनी परंपरा जारी रखते हुए बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई। उन्होंने जवानों के बीच पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को सराहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीएम योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। रामनगरी अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दीपावली पर विशेष उत्साह देखने को मिला। अयोध्या में दीपोत्सव की भव्यता के बीच मंदिरों और प्रमुख स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। वहीं, दिल्ली, पटना, अयोध्या समेत देश के विभिन्न शहरों में त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त की।

बरेली में सजे पटाखा बाजार, जमकर हुई आतिशबाजी
बरेली में दीपावली पर शहर के अलग-अलग इलाकों में रोशनी और आतिशबाजी की धूम रही। शहर में हार्टमन रामलीला मैदान, बीसलपुर रोड स्थित मेगा मेंशन के पास क्रिकेट ग्राउंड और लखनपुर ग्राउंड में विशेष पटाखा बाजार लगाए गए थे। इन बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की आवाजाही शुरू हो गई थी। बच्चों और परिवारों ने फुलझड़ी, चकरी, अनार, रॉकेट और स्काई शॉट्स समेत करीब 50 से 60 वैरायटी के पटाखों की खरीदारी की। शाम होते ही शहर के कई इलाकों में आतिशबाजी शुरू हो गई और आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। पुलिस लाइंस में 65 हजार दीपकों से भव्य दीपोत्सव मनाया गया। इसके अलावा बरेली क्लब मैदान और शहर की विभिन्न कॉलोनियों में भी दीप जलाकर पर्व मनाया गया। घरों के बाहर रंगोली बनाई गई और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपावली की बधाई दी। मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की गई। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर भी रोशनी की आकर्षक व्यवस्था देखने को मिली।
पटाखा बाजारों में प्रशासन की निगरानी
दीपावली के दौरान सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा। एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने शहर के प्रमुख पटाखा बाजारों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बाजारों में सुरक्षा इंतजामों और आग से बचाव के उपायों की निगरानी की गई, ताकि त्योहार के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का कितना असर, रिपोर्ट का इंतजार
दीपावली पर बरेली में जमकर आतिशबाजी हुई। पटाखों से जमीन से लेकर आसमान तक रोशनी दिखाई दी, लेकिन इसके साथ ही वातावरण पर प्रदूषण के असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौसम में नमी और धूल-धुएं की मौजूदगी के बीच पटाखों से निकलने वाले धुएं का पर्यावरण पर कितना प्रभाव पड़ा, इसका पता प्रदूषण की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।प्रदूषण की स्थिति का आकलन करने के लिए शहर में तीन प्रमुख स्थानों मॉडल टाउन, डेलापीर और शाहबाद से नमूने लिए गए हैं। इन स्थानों पर दीपावली से पहले और बाद के आंकड़ों की तुलना की जाएगी। बरेली कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पर्यावरणविद इस संबंध में आंकड़े जुटाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दीपावली पर हुई आतिशबाजी का वातावरण पर कितना असर पड़ा।
