पूर्व सांसद ने कहा- महिला पहलवानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, पिछले दो-तीन साल की उथल-पुथल का असर; अब ओलंपिक के लिए तैयारी पर जोर
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय कुश्ती टीम से कम से कम आठ पदक की उम्मीद थी, लेकिन भारत को छह पदक मिले। उन्होंने खास तौर पर महिला पहलवानों के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताया।
‘जो अनुमान था, वो नहीं हुआ’
बृजभूषण शरण सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कुश्ती में जिस प्रदर्शन का अनुमान लगाया गया था, वह पूरी तरह हासिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि उन्हें कुल आठ पदक मिलने की उम्मीद थी, जिनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल थे, लेकिन भारतीय पहलवान छह पदक ही जीत सके। हालांकि, उन्होंने इसे भारतीय कुश्ती का अच्छा प्रदर्शन भी बताया और कहा कि 1966 के बाद यह एशियन गेम्स में भारत के लिए कुश्ती का शानदार नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि एशियन गेम्स 2023 के मुकाबले इस बार कुल पदकों की संख्या लगभग बराबर रही, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या ज्यादा रही।
महिला पहलवानों के प्रदर्शन पर उठाए सवाल
बृजभूषण ने कहा कि महिला पहलवानों का प्रदर्शन उनकी उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने माना कि भारतीय कुश्ती को अभी और काम करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, पिछले दो-तीन वर्षों में कुश्ती के क्षेत्र में काफी उथल-पुथल रही है। इसका असर कुछ अच्छे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ा और वे पहले जैसा प्रदर्शन दोहरा नहीं सके।
सरकार, संघ और खिलाड़ियों के बीच तालमेल पर जोर
पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल सरकार, खेल संघ और खिलाड़ियों के बीच सामंजस्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी तालमेल के आधार पर भारतीय कुश्ती को आगे बढ़ाने की जरूरत है। बृजभूषण ने कहा कि एशियन गेम्स में मिले छह पदकों को आगे ओलंपिक में भी दोहराने का प्रयास किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अब कुश्ती में अगले बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी करनी होगी।
एशियन गेम्स में भारत ने जीते छह कुश्ती पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष और महिला पहलवानों ने मिलकर कुल छह पदक जीते।
- अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
- सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
- नितेश सिवाच ने ग्रीको-रोमन के 97 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।
- अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
- दीपक पूनिया ने कांस्य पदक जीता।
- सुनील कुमार ने ग्रीको-रोमन के 87 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
इन छह पदकों में दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल रहे।
2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2027 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। वहीं, अगले संसदीय चुनाव को लेकर उन्होंने फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि संसदीय चुनाव लड़ने का फैसला समय आने पर किया जाएगा और अभी इस बारे में कोई बयान नहीं दिया जा सकता।
कुश्ती के भविष्य पर अब ओलंपिक की तैयारी
एशियन गेम्स में छह पदक मिलने के बावजूद बृजभूषण शरण सिंह ने कुश्ती में सुधार की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, खेल संघ और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। अब भारतीय कुश्ती के सामने अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रदर्शन सुधारने और एशियन गेम्स के छह पदकों की उपलब्धि को ओलंपिक स्तर पर दोहराने की चुनौती होगी।
