IGRS शिकायतों से लेकर साइबजैज़र अपराध, गैंगस्टर और महिला अपराध तक की समीक्षा, ई-साक्ष्य और ई-समन के इस्तेमाल पर जोर, सड़क हादसे रोकने के लिए Zero Fatality District अभियान तेज करने के निर्देश
बरेली : बरेली परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर सोमवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी ने समीक्षा बैठक की। बैठक में बरेली,बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
IGRS शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने IGRS के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
बैठक में CCTNS पर 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने विवेचनाओं में तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। ई-साक्ष्य ऐप पर SID क्रिएशन कर वीडियोग्राफी बयान, फोटो, फॉरेन्सिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना में जोड़ने के निर्देश दिए गए।
अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ई-समन पर जोर
न्यायालय से समन्वय स्थापित कर मामलों में ई-समन जारी कराने और उनकी समयबद्ध तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर निगरानी, अफवाहों का तुरंत खंडन
डीआईजी ने पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने और अफवाह फैलने की स्थिति में उनका समयबद्ध खंडन करने को कहा गया।
मादक पदार्थ तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई
बैठक में NDPS Act की धारा 68E/68F, PIT NDPS Act और ऑपरेशन दहन के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सड़क हादसे रोकने के लिए Zero Fatality District अभियान
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चलाए जा रहे Zero Fatality District अभियान की भी समीक्षा हुई। डीआईजी ने ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए।
मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा की भी समीक्षा
मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत चल रहे अभियानों की समीक्षा की गई। नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन तथा महिला बीट प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की विवेचना समयबद्ध तरीके से पूरी करने और दहेज उत्पीड़न के मामलों की विवेचना महिला थाने से कराए जाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध पर भी पुलिस की नजर
साइबर हेल्प-डेस्क के प्रभावी संचालन और साइबर अपराधों की रोकथाम की समीक्षा की गई।साइबर अपराध से संबंधित लीन अमाउंट की स्थिति की भी जानकारी ली गई। साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और निस्तारण के निर्देश दिए गए। साइबर थाने के साथ-साथ अन्य पुलिस थानों पर साइबर अपराध से संबंधित कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
गैंगस्टर और माफियाओं की संपत्तियों पर कार्रवाई के निर्देश
डीआईजी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही माफियाओं, पुरस्कार घोषित अपराधियों और वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की गई। गुंडा अधिनियम, गौवध निवारण अधिनियम, सशस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई।
हत्या, लूट से लेकर POCSO और धर्मांतरण के मामलों पर नजर
बैठक में हत्या, लूट, स्नेचिंग, नकबजनी, वाहन चोरी, फिरौती, डकैती, दुष्कर्म, दहेज हत्या, POCSO एक्ट, अपहरण, धर्मांतरण और साम्प्रदायिक संघर्ष से जुड़े अभियोगों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।गोकशी की घटनाओं में गौ तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ NSA के तहत लंबित प्रकरणों में जल्द कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
समीक्षा बैठक में आपराधिक प्रकरणों, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, निरोधात्मक कार्रवाई, एसआर केस, लंबित विवेचनाओं और गिरफ्तारी के लिए शेष वांछित व पुरस्कार घोषित अपराधियों के संबंध में भी जानकारी ली गई। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रभावी पुलिसिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में बरेली एसएसपी अनुराग आर्य, एसएसपी बदायूं, एसएसपी पीलीभीत और एसएसपी शाहजहांपुर समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
