सय्यद आसिफ मियां के नेतृत्व में रज़ाकारों ने उर्स स्थल का किया निरीक्षण, मंच, वुजूखाना, लंगर, सहायता शिविर और जायरीन की सुविधाओं का लिया जायजा
बरेली : विश्व प्रसिद्ध उर्स-ए-रज़वी 2026 के आयोजन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 6 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय उर्स से पहले शनिवार को दरगाह आला हज़रत की ओर से रज़ाकारों की टीम ने उर्स स्थल इस्लामिया मैदान का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आयोजन स्थल पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई और सभी व्यवस्थाएं 5 अगस्त तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां के निर्देश पर सय्यद आसिफ मियां के नेतृत्व में रज़ाकारों की टीम इस्लामिया मैदान पहुंची।
उर्स-ए-रज़वी की तैयारियां अंतिम चरण में
टीम ने उर्स के दौरान देश-विदेश से आने वाले सज्जादागान,उलेमा और लाखों जायरीन के लिए बनाए जा रहे अस्थायी मंच, वुजूखाना, कुतुबखाना, सहायता शिविर, हैंडपंप, शौचालय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सय्यद आसिफ मियां ने संबंधित लोगों से कहा कि उर्स शुरू होने से पहले 5 अगस्त तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस्लामिया मैदान के साथ-साथ दरगाह आला हज़रत परिसर को भी आकर्षक ढंग से सजाने, रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का कार्य लगातार जारी है।
जायरीन को उपलब्ध कराई जाएंगी बेहतर व्यवस्थाएं
इसके अलावा जायरीन के ठहरने के लिए मेहमानखाने, लंगरखाने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान सय्यद आसिफ मियां के साथ औरंगज़ेब नूरी, नासिर कुरैशी, शाहिद नूरी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, मंज़ूर रज़ा, साजिद रज़ा, सय्यद माजिद, इशरत नूरी, ज़ुहैब रज़ा, अश्मीर रज़ा, काशिफ रज़ा, इरशाद रज़ा, नईम रज़ा, अरवाज़ रज़ा, मुजाहिद बेग, हस्सान रज़ा, हाजी शकील, तनवीर रज़ा सहित अनेक रज़ाकार मौजूद रहे। 6 अगस्त से शुरू होने वाला उर्स-ए-रज़वी देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले लाखों अकीदतमंदों की मौजूदगी के कारण बरेली का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इसे देखते हुए दरगाह प्रबंधन और जिला प्रशासन दोनों स्तरों पर तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।
