डीएम को सौंपा ज्ञापन, 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक की मांग, शिक्षा, संविधान और हजारों छात्रों के भविष्य का है सवाल
रामपुर: मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के प्रस्तावित आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रामपुर पहुंचा और डीएम को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पहले से धरने पर मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर नारेबाजी के बीच उनका स्वागत किया गया। इससे पहले बरेली सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर भाजपा सरकार पर तमाम आरोप लगाए।
शिक्षा और छात्रहित की रक्षा के लिए लड़ने का वायदा

सपा नेताओं ने धरनास्थल पर छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी शिक्षा और छात्रहित की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। ज्ञापन में कहा गया कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है। प्रस्तावित ध्वस्तीकरण से इन छात्रों की शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। सपा ने इसे शिक्षा के अधिकार और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की इमारतों पर बुलडोजर चलाना देश के शैक्षिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों को बचाना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उन्हें खत्म करना। धरना-प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। सपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने की मांग दोहराई।
यह थे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के अलावा नसीर अहमद खान, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, शहजिल इस्लाम, नवाब जान, हाजी नासिर कुरैशी, मोहम्मद फहीम इरफान,रफीक अंसारी, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, पिंकी सिंह, इकबाल महमूद, महबूब अली,पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सहित अनेक विधायक, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए उसका लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
