Rahul Gandhi Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में पीएम आवास की ओर मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई कांग्रेस नेता हिरासत में
पीएम आवास की ओर बढ़े कांग्रेस नेता, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान वायनाड सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, के.सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के. सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। यह विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग भी की।
घायल छात्रों से अस्पताल में की मुलाकात
इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से भी बातचीत की। कांग्रेस नेताओं ने घायल छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा की मांग
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना था कि यह देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और शांतिपूर्ण विरोध करने वालों पर बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने मांग की कि सरकार पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी तय करे और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे।
