कोतवाली थाने के मुकदमे की मंगलवार की सुनवाई भी टलना तय,10 मुकदमों में 119 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
बरेली : 26 सितंबर को हुए चर्चित बरेली बवाल (उपद्रव) मामले में अब न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। सोमवार को ट्रायल की औपचारिक शुरुआत होने के बाद अब इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 1 अगस्त को गैंगस्टर कोर्ट में होगी। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्थागत कारणों से आरोपियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश नहीं होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाएगी। वहीं मंगलवार को कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की सुनवाई प्रस्तावित है, लेकिन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के उपलब्ध न होने की बात सामने आ रही है। जिसके चलते इसके टलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
बारादरी के हत्या के प्रयास वाले मुकदमे से शुरू हुआ ट्रायल
सोमवार को बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे की सुनवाई के साथ पूरे प्रकरण के ट्रायल की शुरुआत हुई। पुलिस इस मुकदमे को पूरे बवाल का सबसे गंभीर मामला मानती है। अभियोजन पक्ष अब अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप साबित करने का प्रयास करेगा, जबकि बचाव पक्ष अपने तर्क रखेगा।
‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद भड़की थी हिंसा
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद शहर में हिंसक उपद्रव हुआ था। आरोप है कि इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, फायरिंग हुई तथा पेट्रोल बम और एसिड बम से हमले का आरोप है। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस घटना के बाद शहर के पांच थाना क्षेत्रों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने व्यापक जांच के बाद 119 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। घटना के एक सप्ताह के भीतर 101 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
चार मामलों में अब भी जेल में हैं मौलाना तौकीर रजा
इस मामले के प्रमुख आरोपी मौलाना तौकीर रजा को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेजा गया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ दर्ज 10 मुकदमों में से चार मामलों में अब तक जमानत नहीं मिल सकी है। बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में उन्हें स्थानीय अदालत, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। इसके अलावा कोतवाली थाने में दर्ज तीन अन्य मामलों में भी जमानत लंबित है। इनमें दो मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी है, जबकि एक मामले में अभी निचली अदालत में जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई है।
कोर्ट में तेजी से बढ़ेगा ट्रायल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मुकदमों की विवेचना समयबद्ध तरीके से पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू होने से मामले के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद है। आगामी 1 अगस्त को गैंगस्टर कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होगी, जबकि अन्य मुकदमों में भी अदालत द्वारा निर्धारित तिथियों पर ट्रायल आगे बढ़ेगा। मामले की सुनवाई पर पुलिस प्रशासन और सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
