इमरजेंसी का झांसा देकर कई किश्तों में कराए रुपये ट्रांसफर, असली फूफा से बात होने पर खुला राज, साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
बरेली : यूपी के बरेली में साइबर अपराधियों ने रिश्तेदारी का सहारा लेकर पीएसी के एक सिपाही से 13.29 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाज ने खुद को सिपाही का फूफा बताकर फोन किया और इमरजेंसी में पैसों की जरूरत होने की बात कहकर अलग -अलग खातों में कई बार में 13,29,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में जब पीड़ित ने अपने असली फूफा से संपर्क किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित रवि सागर मुरादाबाद का निवासी
जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद जिले के सेहल गांव निवासी रवि सागर आठवीं वाहिनी पीएसी, बरेली में सिपाही के पद पर तैनात हैं। रवि सागर के मुताबिक, 24 जून को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनका फूफा बताया और पहले परिवार का हालचाल पूछकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने बताया कि वह आगरा में है और अचानक इमरजेंसी में फंस गया है। इसलिए तत्काल पैसों की जरूरत है।
कई खातों में किए ट्रांसफर
जालसाज की बातों में आकर सिपाही ने अलग-अलग खातों में कई बार में कुल 13,29,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद जब उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने अपने असली फूफा से संपर्क किया। फूफा ने साफ बताया कि उन्होंने किसी तरह की रकम नहीं मांगी थी। यह सुनते ही सिपाही को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम थाना, बरेली में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर पुलिस की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी रिश्तेदार या परिचित के नाम पर फोन कर पैसे मांगने पर बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से उसके वास्तविक नंबर पर संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
