बरेली रेंज पुलिस की एक सप्ताह की कार्रवाई में 83 मुकदमे दर्ज, अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़, जामताड़ा कनेक्शन भी आया सामने
बरेली: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए गए विशेष ‘Cy-वज्र अभियान’ के तहत बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक चले इस अभियान में बरेली रेंज के चार जिलों बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में साइबर अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।अभियान का नेतृत्व पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी के निर्देशन में किया गया।
अभियान के दौरान साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल सर्विलांस, बैंकिंग रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर कार्रवाई करते हुए 83 मुकदमे दर्ज किए और 91 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
26.76 लाख नकद समेत बड़ी बरामदगी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने साइबर अपराधियों के कब्जे से 26 लाख 76 हजार 740 रुपये नकद, 72 मोबाइल फोन, 31 एटीएम कार्ड, 3 फर्जी आधार कार्ड, 1 पेटीएम स्कैनर, 940 USDT (क्रिप्टोकरेंसी) और एक SEED क्रिप्टो उपकरण बरामद किया। पुलिस के अनुसार यह अभियान साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
शाहजहांपुर में APK के जरिए उड़ाते थे बैंक खातों का पैसा
पुलिस जांच में सामने आया कि शाहजहांपुर के थाना कांट क्षेत्र में सक्रिय गिरोह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करता था। इसके बाद मोबाइल में एसएमएस APK इंस्टॉल कराकर ओटीपी और बैंकिंग संदेश अपने हैंडलर तक पहुंचाता था। इन्हीं जानकारियों के जरिए खातों से अवैध निकासी कर साइबर ठगी की जाती थी। गिरोह को ठगी का कमीशन USDT क्रिप्टोकरेंसी के रूप में मिलता था।
मोबाइल चोरी से साइबर ठगी, जामताड़ा तक नेटवर्क
बरेली साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोरी और साइबर ठगी गिरोह का भी खुलासा किया। जांच में पता चला कि झारखंड के नाला और जामताड़ा से जुड़े गिरोह के सदस्य बरेली समेत कई शहरों में रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करते थे। इसके लिए स्थानीय ऑटो और टैक्सी चालकों की मदद ली जाती थी। चोरी किए गए मोबाइल झारखंड भेजे जाते थे, जहां उनमें मौजूद बैंकिंग और डिजिटल जानकारी का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह मोबाइल चोरी के लिए एक नाबालिग का भी इस्तेमाल करता था।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें ये काम
बरेली रेंज पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। पुलिस के अनुसार शुरुआती 30 मिनट का ‘गोल्डन टाइम’ सबसे अहम होता है। इस दौरान शिकायत दर्ज होने पर संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर धनराशि बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके अलावा पीड़ित www.cybercrime.gov.in� पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं या अपने जिले की साइबर सेल, साइबर थाना अथवा थानों में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क से भी संपर्क कर सकते हैं।
रेंज पुलिस का संदेश
बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध मोबाइल ऐप को डाउनलोड न करें, बैंकिंग ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।
