कांवड़ यात्रा, शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए बदली गईं तारीखें, देश-विदेश के लाखों ज़ायरीन तक सोशल मीडिया के जरिए भेजा जा रहा उर्स का पोस्टर
बरेली : सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के सबसे बड़े रूहानी मरकज़ दरगाह आला हज़रत से जुड़े 108वें तीन दिवसीय उर्स -ए- रज़वी का आधिकारिक पोस्टर बुधवार को जारी कर दिया गया। इसके साथ ही उर्स की तैयारियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है। इस वर्ष उर्स 6, 7 और 8 अगस्त 2026 (जुमेरात, जुमा और हफ्ता) को आयोजित होगा।8 अगस्त को दोपहर 2:38 बजे आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ां फाज़िले बरेलवी का कुल शरीफ़ अकीदत के साथ मनाया जाएगा। दरगाह आला हज़रत से जुड़े संगठन जमात रज़ा -ए- मुस्तफ़ा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्स का पोस्टर सोशल मीडिया, ईमेल, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और डाक के माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले लाखों ज़ायरीन तक भेजा जा रहा है, ताकि सभी अकीदतमंद नई तारीखों के अनुसार अपनी यात्रा की तैयारी कर सकें।
सुरक्षा और अमन-ओ-अमान को बदली तारीख

सुरक्षा और अमन-ओ-अमान को देखते हुए बदली गई तारीख जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया कि उर्स की तारीखों में बदलाव कांवड़ यात्रा, शहर की कानून-व्यवस्था, लाखों ज़ायरीन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जिला प्रशासन के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को शहर में बड़े जुलूस प्रस्तावित हैं, इसलिए यह निर्णय लिया गया, ताकि किसी भी ज़ायरीन को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और होटल एसोसिएशन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। जल्द ही ज़ायरीन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। इसके अलावा लंगर कमेटी, वालंटियर्स और जमात रज़ा की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
असजद मियां की सरपरस्ती में होंगी सभी रस्में

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्स की सभी धार्मिक रस्में दरगाह ताजुशारिया के सज्जादानशीन एवं काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती असजद रज़ा ख़ां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में संपन्न होंगी। वहीं जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां उर्स की व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।
उर्स कोर कमेटी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मेंहदी हसन ने बताया कि तारीखों के ऐलान के बाद वालंटियर्स और उर्स कोर कमेटी के सदस्य दिन-रात व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
देश-विदेश से लाखों ज़ायरीन के पहुंचने की उम्मीद

काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती असजद मियां ने कहा कि उर्स-ए-रज़वी को पूरी अकीदत, अमन-ओ-सुकून और बेहतर इंतज़ामात के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले सभी ज़ायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से भी उर्स स्थल पर जल्द ही आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य शुरू किया जाएगा। नगर निगम भी सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी तैयारियां शुरू करेगा।
मदरसा जामियातुर रज़ा मुख्य उर्स स्थल

जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के पूर्व प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि उर्स की मुख्य बैठक जमात रज़ा मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें उलेमा-ए-इकराम और उर्स कोर कमेटी की मौजूदगी में पोस्टर जारी किया गया। उन्होंने बताया कि दरगाह ताजुशारिया और सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रज़ा में लाखों ज़ायरीन की मौजूदगी में उर्स की सभी प्रमुख रस्में अदा की जाएंगी। बैठक में मौलाना शम्स, मौलाना सैय्यद अज़ीमुद्दीन अज़हरी, हाफ़िज़ इकराम रज़ा ख़ां, डॉ. मेंहदी हसन, शमीम अहमद, समरान खान, मोईन खान, कौसर अली, यासीन खान, मौलाना निजामुद्दीन, अब्दुल्लाह रज़ा ख़ां, मौलाना इंतज़ार अहमद, मोईन अख्तर, सैय्यद सैफ़ रज़ा क़ादरी, बख्तियार खान, दानिश रज़ा, शाहिबुद्दीन रज़वी, गुलाम हुसैन और रेहान रज़ा सहित कई लोग मौजूद रहे।
