स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटने के बाद नई परेशानी, उपभोक्ताओं ने जताई आपत्ति, विद्युत निगम ने कहा- मामले की कराई जाएगी जांच
बरेली: स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त होने के बाद बरेली के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर लोड बढ़ाने का मेसेज आ रहा है। बताया जाता है कि शनिवार को जिले के करीब 57 हजार उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर अचानक बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाए जाने का संदेश पहुंचा। बिना किसी पूर्व सूचना के आए इस मैसेज ने लोगों में भ्रम और चिंता पैदा कर दी। कई उपभोक्ताओं को आशंका है कि अब उन्हें अधिक फिक्स चार्ज और बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
जिले में करीब 8.50 लाख उपभोक्ता
जिले में करीब 8.50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। विद्युत विभाग के अनुसार, जिन घरों में पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए थे, उनका डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होने के कारण संबंधित उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर यह संदेश भेजा गया। हालांकि, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने न तो लोड बढ़ाने का कोई आवेदन किया और न ही उन्हें पहले कोई सूचना दी गई।
नियमों पर भी उठे सवाल

बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि विद्युत निगम के नियमों के अनुसार किसी उपभोक्ता का बिजली लोड तभी बढ़ाया जा सकता है, जब लगातार तीन महीने तक निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली की खपत दर्ज हो। ऐसे में बिना स्पष्ट जानकारी और जांच के भेजे गए संदेशों ने विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उपभोक्ता बोले- बिना वजह बढ़ाया लोड
हरूनगला की सनराइज कॉलोनी निवासी राजीव कुमार, आनंद बिहार कॉलोनी निवासी सलमान जमीर, जागृति नगर कालोनी निवासी उजैर खान ने आरोप लगाया कि उनके घर का बिजली कनेक्शन 3 किलोवाट का है और सामान्य घरेलू उपयोग ही होता है। इसके बावजूद उनके मोबाइल पर लोड 5 किलोवाट किए जाने का संदेश आया। उनका कहना है कि यदि वास्तव में लोड बढ़ा दिया गया है, तो इससे बिजली बिल पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
विभाग ने कहा- कराई जाएगी जांच
इस मामले पर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने मीडिया को बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की जानकारी ली जा रही है। प्रथम दृष्टया संभावना है कि यह संदेश लखनऊ मुख्यालय से तकनीकी प्रक्रिया के तहत भेजा गया हो। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर तकनीकी त्रुटि हुई है तो उसे ठीक किया जाएगा।
उपभोक्ताओं की मांग
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग इस मामले में तत्काल स्थिति स्पष्ट करे। यदि संदेश तकनीकी गलती से भेजे गए हैं, तो इसकी सार्वजनिक जानकारी दी जाए और बिना नियमों के किसी भी उपभोक्ता का लोड न बढ़ाया जाए, ताकि लोगों में भ्रम और अनावश्यक आर्थिक चिंता न बढ़े।
