बरेली : शहर में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी की बाइक बेचने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात चोरी की बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। आरोपी रेलवे स्टेशन के आगे झाड़ियों और खंडहरों में चोरी के वाहन छिपाकर रखते थे और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें सस्ते दामों में बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार देर रात जंक्शन रोड चौकी क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक चोरी की बाइक लेकर चौपला की ओर से स्टेशन रोड आ रहे हैं और ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मालगोदाम रोड पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक संदिग्ध बाइक आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम अवनेश कुमार मौर्य निवासी भमोरा और उदित नारायण शुक्ला निवासी मिलक, रामपुर बताए।
एक के पास तमंचा, दूसरे से चाकू बरामद
तलाशी के दौरान अवनेश के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जबकि उदित के पास से अवैध चाकू मिला। दोनों जिस पैशन प्रो बाइक पर सवार थे, उसके कागजात भी नहीं मिले। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि बाइक कुछ दिन पहले एसबीआई बैंक के पास से चोरी की गई थी और उसे बेचने के लिए लाया जा रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने पुलिस को बताया कि कई और चोरी की बाइक रेलवे स्टेशन के आगे झाड़ियों और खंडहरों में छिपाकर रखी गई हैं। इसके बाद पुलिस दोनों को लेकर मौके पर पहुंची, जहां से छह और बाइक तथा एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई।
चेसिस नंबर से छेड़छाड़, कई राज्यों तक जुड़े तार
जांच में कई वाहनों की नंबर प्लेट बदली हुई मिली, जबकि एक बाइक के चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ पाई गई। पुलिस ने ई-चालान एप के जरिए वाहनों का रिकॉर्ड खंगाला तो बरामद गाड़ियां बरेली, मेरठ और पंजाब तक के लोगों के नाम पर दर्ज मिलीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे और उन्हें कम कीमत में बेचते थे। खरीदार नहीं मिलने पर गाड़ियों को सुनसान जगहों पर छिपाकर रखा जाता था।
गिरोह के नेटवर्क की तलाश में पुलिस
कोतवाली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा चोरी की बाइक कहां सप्लाई की जाती थीं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद वाहनों के असली मालिकों से भी संपर्क किया जा रहा है।
