बरेली: कोर्ट ने दो अलग-अलग जघन्य मामलों में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। एक मामले में 11 वर्षीय बच्चे की हत्या करने वाले दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी गई, जबकि दूसरे मामले में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी को भी अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई।
पैसे का लालच देकर मासूम को ले गए, फिर कर दी हत्या
पहला मामला थाना इज्जतनगर क्षेत्र के अहलादपुर गांव का है। पीड़ित पिता इन्द्रपाल के मुताबिक 9 अप्रैल 2019 की शाम गांव के ही किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा उनके 11 वर्षीय बेटे गुलाब सिंह को पैसे का लालच देकर अपने साथ ले गए थे। आरोप है कि दोनों ने बच्चे को गलत काम के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जब बच्चे ने घर जाकर पूरी बात बताने की बात कही तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव को गांव के एक गन्ने के खेत में छिपा दिया।
एससी/एसटी कोर्ट ने दोनों दोषियों को सुनाई उम्रकैद
मामले में थाना इज्जतनगर पुलिस ने अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा को दोषी करार देते हुए हत्या के मामले में प्रत्येक को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा दी गई है।
घर से नाबालिग को ले जाकर किया दुष्कर्म
दूसरा मामला थाना सिरौली क्षेत्र का है। पीड़ित पक्ष के अनुसार 1 दिसंबर 2021 की रात गांव का खुशीराम घर पहुंचा और उनकी नाबालिग बेटी को अपने साथ ले गया। आरोप है कि वह उसे जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सख्त सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। इसके बाद पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी खुशीराम को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष की सजा और एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया।
