अदाणी-अंबानी को फायदा पहुंचाने का आरोप, नॉर्वे फंड और महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और पिछले 12 वर्षों में तैयार किया गया आर्थिक ढांचा आम जनता के हित में नहीं बल्कि कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक लाभ उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी जैसे चुनिंदा कारोबारी घरानों को मिला है।
आम जनता पर पड़ेगी सबसे बड़ी मार
राहुल गांधी ने कहा कि यदि यह आर्थिक ढांचा ढहता है तो बड़े पूंजीपतियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनके पास खुद को सुरक्षित रखने के पर्याप्त संसाधन हैं। लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, युवा और मध्यम वर्ग को झेलना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था में आम लोगों की भागीदारी और सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है। राहुल गांधी के अनुसार लगातार बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता आने वाले संकट के संकेत हैं।
नॉर्वे पेंशन फंड को लेकर पीएम मोदी से सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड “नॉर्वे सरकारी पेंशन फंड” का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने नॉर्वे सरकार से अदाणी समूह को ब्लैकलिस्ट से हटाने के लिए कोई व्यक्तिगत अनुरोध किया था। राहुल गांधी ने दावा किया कि नॉर्वे फंड ने वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार के खतरे और मानवाधिकार संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अदाणी समूह की कुछ कंपनियों को अपनी निवेश सूची से बाहर रखा था।
सोशल मीडिया पर झंडे की गलती बनी चर्चा का विषय
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की पोस्ट में हुई एक तकनीकी गलती भी चर्चा का विषय बन गई। राहुल गांधी की टीम ने नॉर्वे के झंडे की जगह गलती से स्वीडन का झंडा पोस्ट कर दिया। इसके बाद विरोधी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कांग्रेस की रिसर्च टीम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालांकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि मुद्दा आर्थिक संकट और निवेश से जुड़ा है, जबकि विपक्ष इस गलती को लेकर राहुल गांधी को घेरने में जुट गया।
महंगाई और ईंधन की कीमतों पर खरगे का हमला
इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने भी केंद्र सरकार को घेरा। खरगे ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर विफल साबित हुई है और आम आदमी लगातार महंगाई की मार झेल रहा है। खरगे ने कहा कि रुपये की गिरती कीमत और बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए और जनता के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं भाजपा की ओर से अभी तक राहुल गांधी और खरगे के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
