एमएचईए अध्यक्ष नवेद-उर-रहमान ने रखी मुख्य मांग
बैठक में एमएचईए अध्यक्ष नवेद-उर-रहमान ने निर्यात उद्योग से जुड़ी जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद शहर में तैयार होने वाला अधिकांश माल जॉब-वर्क आधारित होता है, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के दौरान बार-बार चेकिंग का सामना करना पड़ता है। नवेद-उर-रहमान ने अधिकारियों से मांग की कि इस तरह के माल की आवाजाही पर कारीगरों और कारखानों को चेकिंग से छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उद्योग की मूल आवश्यकता है और इससे उत्पादन की गति पर सीधा असर पड़ता है।
चेकिंग से उद्योग पर पड़ रहा असर
एमएचईए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बार-बार की चेकिंग से कारीगरों का समय, श्रम और उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि यदि इस समस्या का समाधान किया जाए तो निर्यात उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा और उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट उद्योग देश की पहचान है और ईमानदार निर्यातकों एवं कारीगरों को किसी भी स्थिति में परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने दिया सकारात्मक आश्वासन
बैठक के दौरान मौजूद राज्य कर अधिकारियों ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदार निर्यातकों और कारीगरों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
महासचिव अवधेश अग्रवाल ने भी उठाए अहम मुद्दे
एमएचईए के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने भी बैठक में दो महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में कारीगरों द्वारा ले जाए जा रहे निर्यात माल की चेकिंग को रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि कई ईमानदार निर्यातकों का रिफंड इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा टैक्स जमा नहीं किया गया। इसे अनुचित बताया गया।
उद्योग हित में संयुक्त अपील
एमएचईए और वाईईएस दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी ईमानदार निर्यातक या कारीगर को कोई समस्या आती है तो संगठन हर समय उनके साथ खड़ा रहेगा। प्रतिनिधि मंडल में संरक्षक नजमूल इस्लाम, अध्यक्ष नवेद-उर-रहमान, महासचिव अवधेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल और सचिव अंकित सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद निर्यात उद्योग को राहत की उम्मीद
इस बैठक को मुरादाबाद के निर्यात उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्यातकों को उम्मीद है कि सरकार और राज्य कर विभाग की ओर से जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे उद्योग को राहत मिलेगी और कारोबार को नई गति मिलेगी।
रिपोर्ट: रेहान
