नई दिल्ली/बरेली : हज-उमराह टूर से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। हज-उमराह टूर ऑपरेटरों ने एक निजी ट्रैवल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पर धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और यात्रियों को सऊदी अरब में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 154 यात्रियों के रिटर्न टिकट रोकने की धमकी देकर लाखों रुपये की मांग की जा रही है।
उमराह टूर के लिए हुआ था एग्रीमेंट

शिकायतकर्ता मुहम्मद मुबीन और मोहम्मद अनस ने खुद को एक टूर एंड ट्रेवल्स के पार्टनर बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि मई 2025 में उन्होंने एक प्राइवेट लिमिटेड टूर एजेंसी के साथ उमराह टूर को लेकर एग्रीमेंट किया था। समझौते के तहत यात्रियों से 40 हजार रुपये एडवांस लिए जाने थे और बाकी भुगतान बाद में होना था।शिकायतकर्ताओं के मुताबिक तय शर्तों के अनुसार कंपनी को लगातार भुगतान किया गया।
34 लाख रुपये देने के बाद भी बढ़ती गई मांग

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 मई, 2025 को कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर को 34 लाख रुपये दिए गए थे। इसके अलावा 68 यात्रियों के लिए करीब 34.40 लाख रुपये और ट्रांसफर किए गए। आरोप है कि यात्रियों को सऊदी अरब भेजने के बाद कंपनी की ओर से होटल और खाने के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाने लगी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लोन लेकर रकम भेजने के बाद अब रिटर्न टिकट के लिए भी 12 लाख रुपये का इंतजाम करने का दबाव बनाया जा रहा है।
रिटर्न टिकट कैंसिल करने की धमकी का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि 28 जनवरी, 2026 को 49 यात्रियों और 29 जनवरी, 2026 को 95 यात्रियों के वापसी टिकट कैंसिल करने की धमकी दी जा रही थी। आरोप है कि टिकट रोककर यात्रियों और टूर ऑपरेटरों पर दबाव बनाया जा रहा है।शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि टिकट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और उनके सहयोगियों द्वारा भेजे गए थे।
पहले भी लग चुके हैं धोखाधड़ी के आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर पर पहले भी धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि इससे पहले 58 यात्रियों को दम्माम एयरपोर्ट पर छोड़ दिया गया था, जहां वे कई दिनों तक फंसे रहे। शिकायत में अन्य लोगों पर भी सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है
