“लोकतंत्र की लड़ाई में जेल भी गए, पत्रकारिता को मिली अपूरणीय क्षति”
लखनऊ : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शुक्रवार को वरिष्ठ पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी विचारक और आईएफडब्ल्यूजे (Indian Federation of Working Journalists) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय के. विक्रम राव के आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
“लोकतंत्र की रक्षा में दी अद्भुत कुर्बानी”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने माल एवेन्यू स्थित के.विक्रम राव के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया और उनकी पत्नी सुधा राव, पुत्र विश्वदेव राव एवं अन्य परिजनों को ढांढस बंधाया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी साथ मौजूद थे।
केवल पत्रकार ही नहीं, समाजवादी विचारधारा के सच्चे सिपाही
श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “के. विक्रम राव न केवल पत्रकार थे, बल्कि समाजवादी विचारधारा के सच्चे सिपाही भी थे। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और इमरजेंसी के दौर में जेल की यातनाएं भी सही। उनका जीवन प्रेरणा है।”
नेताजी मुलायम सिंह यादव के प्रति था विशेष सम्मान
सपा प्रमुख ने स्मरण करते हुए कहा कि के. विक्रम राव नेताजी मुलायम सिंह यादव का अत्यंत सम्मान करते थे और समाजवादी आंदोलन के हर मोर्चे पर वह सद्भावना और सत्य के पक्ष में खड़े रहे। उनका योगदान केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं था, बल्कि वह सामाजिक चेतना और न्याय के वाहक भी थे।
भेंट की गई पुस्तक ‘मारेंगे नहीं, पर मानेंगे नहीं’
इस अवसर पर विश्वदेव राव ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को स्वर्गीय के. विक्रम राव की पुस्तक ‘मारेंगे नहीं, पर मानेंगे नहीं’ भेंट की। यह प्रसिद्ध नारा डॉ. राममनोहर लोहिया द्वारा सत्याग्रहियों को प्रेरित करने हेतु दिया गया था और स्वर्गीय राव के जीवन का ध्येय वाक्य बन गया था।
पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति
पूर्व सीएम ने कहा कि के. विक्रम राव के निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। वे एक सिद्धांतवादी, निर्भीक और प्रतिबद्ध पत्रकार थे, जो हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने मजदूर पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया और आईएफडब्ल्यूजे जैसे मंच को सशक्त बनाया।
