पूर्व सीएम ने कहा “सेना देश की रक्षा करती है, सैनिक लोकतंत्र की भी रक्षा करेंगे”, इटावा के पूर्व जिलाध्यक्ष कैप्टन रघुराज सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की भेंट
लखनऊ : यूपी की सियासत में 2027 विधानसभा चुनावों की आहट के बीच समाजवादी पार्टी को आज (शुक्रवार) को एक बड़ा समर्थन तब मिला, जब पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट कर उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का संकल्प लिया। सैनिक लीग, इटावा के पूर्व जिलाध्यक्ष कैप्टन रघुराज सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि वे गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए जनता को एकजुट करेंगे और अखिलेश यादव को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्य करेंगे।
“सेना देश की रक्षा करती है, सैनिक लोकतंत्र की भी रक्षा करेंगे”: अखिलेश यादव
पूर्व सैनिकों के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “सेना के जवानों का शौर्य और उनकी देशभक्ति अतुलनीय है। जिस तरह वे सीमाओं पर विषम परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं। उसी तरह वे अब संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी अग्रिम पंक्ति में खड़े होंगे।”उन्होंने पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा से सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
पूर्व सैनिकों ने मिलिट्री स्कूल स्थापना की मांग की सराहना
सपा प्रमुख से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ, सहारनपुर, कन्नौज, इटावा, वाराणसी और संतकबीरनगर सहित छह जिलों में मिलिट्री स्कूलों की स्थापना के सुझाव का स्वागत किया। बोले,इससे पूर्व सैनिकों के बच्चों और ग्रामीण युवाओं को रक्षा सेवाओं में अवसर मिलेंगे।
नेताजी मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल को याद किया
पूर्व सैनिकों ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के रक्षा मंत्री रहते समय उठाए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना की। शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी। सैनिकों के सम्मान में लिए गए नीतिगत फैसलों की तारीफ की।उन्होंने कहा कि आज यदि सैनिकों को समाज में सम्मान मिलता है, तो उसका श्रेय नेताजी की दूरदर्शी सोच को जाता है।
प्रतिनिधिमंडल में यह थे शामिल
इस अवसर पर कैप्टन लाइक सिंह, अनिल कुमार, महावीर सिंह, सुनील कुमार, सूबेदार मेजर कृपाल सिंह, रामदास, सदन सिंह, रवि यादव और हवलदार सुबोध कुमार शामिल रहे। सभी ने मिलकर समाजवादी पार्टी को पूर्ण समर्थन देने का वचन दोहराया।
