सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक सुनवाई की मांग ने पकड़ा जोर, हीट स्ट्रोक और स्वास्थ्य समस्याओं का दिया हवाला
बरेली : प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच बरेली बार एसोसिएशन ने न्यायालय समय में बदलाव की मांग उठाई है।एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव दीपक पांडेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर ग्रीष्मकालीन सत्र में कोर्ट का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक करने का अनुरोध किया है।
गर्मी से बढ़ी परेशानी, स्वास्थ्य पर खतरा

बार एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि अप्रैल, मई और जून के महीनों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायालय आने वाले आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज गर्मी के चलते चक्कर आना, नकसीर फूटना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन चुकी हैं।
AC और बाहर के तापमान में अंतर बना समस्या
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि न्यायालय कक्षों में जहां अधिकारियों को एयर कंडीशनिंग की सुविधा मिलती है, वहीं बाहर निकलते ही अधिवक्ताओं और वादकारियों को अचानक तापमान के अंतर का सामना करना पड़ता है। इससे कई लोग अस्वस्थ हो रहे हैं और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
दूसरे जिलों का दिया उदाहरण
एसोसिएशन ने आगरा, मथुरा, एटा और इटावा जैसे जनपदों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पहले से ही कोर्ट का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। इससे अधिवक्ताओं और वादकारियों को काफी राहत मिल रही है।
जल्द निर्णय की मांग
बरेली बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से अपील की है कि गर्मी को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित हुए बिना सभी संबंधित लोगों को राहत मिल सके।
