सपा प्रमुख बोले – नकली संत दूसरों से सर्टिफिकेट मांगते हैं, इलेक्शन कमीशन निष्पक्ष नहीं, BJP के इशारे पर काम का आरोप
जयपुर/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जयपुर में आयोजित हारमोनियस हेरिटेज समिट में शिरकत करते हुए।सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक विरासत और राजनीति को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में सपा किसी नए दल से गठबंधन नहीं करेगी और मौजूदा गठबंधन ही आगे जारी रहेगा।
जो गठबंधन है वही आगे चलेगा…
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी को गठबंधन का लंबा अनुभव है,लेकिन फिलहाल जो गठबंधन मौजूद है, वही आगे भी कायम रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि INDIA गठबंधन और कांग्रेस के साथ तालमेल जारी रहेगा, और भाजपा के खिलाफ “पीडीए(पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय” निर्णायक भूमिका निभाएगा।
“नकली संत सर्टिफिकेट मांगते हैं,

पूर्व सीएम ने बिना नाम लिए विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “एक नकली संत हैं जो दूसरों का सर्टिफिकेट मांगते हैं।” अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक माहौल पर सीधा हमला माना जा रहा है। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि असली काम करने वालों को किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं होती।
सौहार्द के बिना विकास संभव नहीं
समिट में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “सौहार्द, अमन-चैन और भाईचारे के बिना विकास संभव नहीं है। जब समाज में शांति होगी, तभी समानता और सामाजिक न्याय स्थापित होगा।”उन्होंने जयपुर को साझी विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां की संस्कृति,वास्तुकला और खानपान में विविधता और एकता साफ दिखाई देती है।
इलेक्शन कमीशन निष्पक्ष नहीं, BJP के इशारे पर काम का आरोप

उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि “इलेक्शन कमीशन निष्पक्ष नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है।”अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इस बार PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज मिलकर “शुद्धिकरण” करेगा। उनके इस बयान को आगामी चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

“साइकिल आम आदमी की पहचान”
सपा प्रमुख ने जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साइकिल को आम जनता की पहचान बताते हुए बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “साइकिल सिर्फ एक चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि आम लोगों की सवारी और उनकी जिंदगी से जुड़ा प्रतीक है।”अखिलेश यादव ने साइकिल को सरलता, सुलभता और समानता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आम आदमी के जीवन की वास्तविक जरूरतों और संघर्षों को दर्शाती है। उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी जताया कि समाजवादी विचारधारा हमेशा आम जनता के हितों से जुड़ी रही है।
UP में हेरिटेज विकास के काम गिनाए
उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार आर्कियोलॉजी डायरेक्ट्रेट की स्थापना की गई। हेरिटेज आर्क (आगरा- मथुरा- वाराणसी- भदोही) विकसित किया गया। लखनऊ के पुराने शहर का सौंदर्यीकरण किया गया। पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने शिल्पकारों, बुनकरों और कलाकारों को मंच देने के लिए शिल्पग्राम,साड़ी बाजार और कारपेट मार्केट जैसी योजनाएं शुरू कीं।
डिजिटलाइजेशन और संस्कृति पर जोर
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और लाइब्रेरी का डिजिटलाइजेशन किया। कलाकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म दिया। सांस्कृतिक आयोजनों का डॉक्यूमेंटेशन शुरू किया। उन्होंने सुझाव दिया कि विरासत को स्कूलों में पढ़ाया जाए और युवाओं को हेरिटेज साइट्स से जोड़ा जाए।
‘सोशल मीडिया से बढ़ेगी विरासत की पहुंच’
उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया का बड़ा प्रभाव है, इसलिए हेरिटेज को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्लुएंसर्स को जोड़ा जाए।स्टोरी और डिजिटल कंटेंट के जरिए विरासत को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जाए।
पर्यटन में 40% बढ़ोतरी का दावा
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि सपा सरकार के दौरान 2012 से 2016 के बीच यूपी में पर्यटन 40% बढ़ा, जिसमें हेरिटेज पॉलिसी की अहम भूमिका रही।
‘सौहार्द ही देश की पहचान’
उन्होंने कहा कि “सौहार्द और भाईचारा ही हमारी सच्ची धरोहर है, यही देश की पहचान है।”उन्होंने भरोसा दिलाया कि सत्ता में आने पर सपा फिर से बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देगी। इस दौरान सांसद राजीव राय, पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, अभिषेक मिश्रा आदि मौजूद थे।
