बरेली के छात्रों का भी जलवा, अतहर जमाल खान और सुरेश बाबू का चयन… श्वेता द्विवेदी बनीं SDM, परिवारों में जश्न
अयोध्या/बरेली/प्रतापगढ़ : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा के परिणाम में इस बार प्रदेश के कई युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। अयोध्या की अनामिका मिश्रा ने चौथी रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बनकर एक नई मिसाल कायम की है। अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी की रहने वाली अनामिका मिश्रा ने बिना किसी बड़े कोचिंग सपोर्ट के सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता महेंद्रनाथ मिश्र गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक हैं, जबकि माता माधुरी मिश्रा गृहिणी हैं। अनामिका वर्तमान में बस्ती जिले के विक्रमजोत ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने हाईस्कूल (2010), इंटर (2012), बीएससी (2015) और बीटीसी (2017) में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिसमें बीटीसी में करीब 92% अंक हासिल किए।।अनामिका ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने यह सफलता पाई।
बरेली के छात्रों ने भी दिखाया दम

शहर के श्रेष्ठ IAS संस्थान से दो छात्रों ने भी UPPCS 2024 में शानदार सफलता हासिल की। अतहर जमाल खान का चयन अधिकारी पद पर हुआ है, जबकि सुरेश बाबू नायब तहसीलदार बने हैं।दोनों अभ्यर्थी वर्तमान में UPPCS 2025 की मुख्य परीक्षा भी दे रहे हैं और इससे बेहतर रैंक की उम्मीद जता रहे हैं।
श्वेता द्विवेदी बनीं SDM, 29वीं रैंक हासिल
प्रतापगढ़ जिले के पिपरी खालसा गांव की रहने वाली श्वेता द्विवेदी ने 29वीं रैंक हासिल कर SDM पद पर चयन पाया। उनके पिता रवि कुमार द्विवेदी अधिवक्ता हैं। श्वेता की सफलता से पूरे गांव और परिवार में जश्न का माहौल है।
प्रदेश में खुशी की लहर, युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
UPPCS 2024 के इस परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही दिशा में की गई तैयारी से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अनामिका, अतहर, सुरेश और श्वेता जैसे युवा आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
