आगरा : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बदलती खानपान की आदतें और खराब जीवनशैली युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। डिब्बाबंद भोजन, फास्ट फूड का अधिक सेवन, साथ ही शराब और धूम्रपान की बढ़ती लत कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है। इसका सबसे ज्यादा असर लिवर पर देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अब 25 से 30 साल की उम्र में ही फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो पहले आमतौर पर अधिक उम्र में देखी जाती थीं।
हाल ही में देशभर के 48 विशेषज्ञ डॉक्टरों—जिनमें मधुमेह रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट शामिल हैं—द्वारा एक बड़े स्तर पर अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में 18 से 70 वर्ष की आयु के कुल 9,202 मरीजों को शामिल किया गया, जिनमें आगरा के 565 मरीज भी शामिल रहे। सात महीने तक चले इस शोध के नतीजे चौंकाने वाले रहे। करीब 26.1 प्रतिशत मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस की समस्या पाई गई, जिनमें से 14 प्रतिशत मरीजों की स्थिति गंभीर थी। वहीं लगभग 5 प्रतिशत मरीजों में लिवर सिरोसिस की पुष्टि हुई।
चिंताजनक बात यह है कि इस अध्ययन में करीब 16 प्रतिशत ऐसे मरीज पाए गए, जिनकी उम्र मात्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी। यानी युवाओं में भी लिवर संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन मरीजों में थकान, कमजोरी, भूख न लगना, शरीर में सूजन और पीलिया जैसे लक्षण देखे गए। कई मामलों में बीमारी के लक्षण देर से सामने आते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि लिवर की बीमारी अकेले नहीं आती, बल्कि इसके साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी जुड़ जाती हैं। करीब 7 प्रतिशत मरीज हृदय रोग से पीड़ित पाए गए, 46 प्रतिशत को उच्च रक्तचाप की समस्या थी, जबकि 47 प्रतिशत मरीजों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ मिला। इससे साफ है कि खराब जीवनशैली पूरे शरीर को प्रभावित कर रही है।
इस संबंध में डॉ. प्रभात अग्रवाल का कहना है कि लोग शौक में फास्ट फूड, पैकेट बंद भोजन, शराब और गुटखे का सेवन शुरू करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। लिवर सिकुड़ने लगता है, कठोर हो जाता है और उसका सामान्य कार्य प्रभावित होता है। कई बार मरीज को शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखते, जिससे बीमारी चुपचाप गंभीर रूप ले लेती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में युवाओं में लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग अपने खानपान और दिनचर्या पर ध्यान दें।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी देते हैं। सबसे पहले शराब, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद करना चाहिए। इसके अलावा डिब्बाबंद और फास्ट फूड से दूरी बनाकर ताजे और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। रोजाना कम से कम 10 हजार कदम चलना और नियमित व्यायाम करना जरूरी है, ताकि वजन नियंत्रित रहे। भोजन में सलाद, फल और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। साथ ही शरीर को पर्याप्त आराम देने के लिए 6 से 8 घंटे की नींद लेना भी बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, बदलती जीवनशैली का सीधा असर अब युवाओं के लिवर पर दिखने लगा है। अगर समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो यह समस्या भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए अभी से सावधान रहना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही सबसे बड़ा बचाव है।
