“देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को कोई ताकत नहीं तोड़ सकती”
बरेली : दरगाह-ए-आला हजरत, बरेली स्थित जामिआ आलाहजरत में सोमवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें आतंकवाद, राष्ट्र की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इस अहम बैठक की सरपरस्ती नबीरे-ए-आलाहजरत, अल्लामा तौसीफ मियाँ साहब ने की, जबकि संचालन प्रधानाचार्य मुफ्ती खुर्शीद आलम साहब ने किया। बैठक में देशवासियों, विशेषकर मुसलमानों से राष्ट्रीय एकता, सेना के समर्थन और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने की पुरजोर अपील की गई।
“आतंकवाद इस्लाम विरोधी और मानवता का दुश्मन है”
अल्लामा तौसीफ मियाँ साहब ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “इस्लाम किसी भी निर्दोष का खून बहाने की इजाज़त नहीं देता। आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर लोगों को मारना इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं के विरुद्ध है। यह लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं और भारत के हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं।”उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि “हम भारतीय मुसलमान आतंकवाद और देशद्रोही ताकतों के खिलाफ चलाए जा रहे हर अभियान में भारतीय सेना और राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
“भारतीय सेना की कार्रवाई बहादुरी की मिसाल”
मौलाना तौसीफ मियाँ ने भारतीय सेना द्वारा 23 मिनट में आतंकियों को जवाब देने की सराहना करते हुए कहा कि “यह हमारी सेना की रणनीति और वीरता का प्रमाण है। हम सभी भारतीय मुसलमान अपनी सेना पर गर्व करते हैं और हर संघर्ष में उनके साथ हैं।”
“पाकिस्तानी नेतृत्व खुद अपनी अवाम का दुश्मन”
उन्होंने पाकिस्तानी हुक्मरानों पर हमला बोलते हुए कहा कि “जो लोग अपने ही मुल्क की गरीब जनता को लूटकर यूरोप-अमेरिका में आलीशान ज़िंदगी जी रहे हैं, वो कैसे भारत या भारतीय मुसलमानों के हमदर्द हो सकते हैं?”“पाकिस्तान के हुक्मरानों ने ही अपने देश को आतंकवाद की प्रयोगशाला बना दिया है और पूरी दुनिया में पाकिस्तानी अवाम को बदनाम कर दिया है।”उन्होंने पाकिस्तान के सुन्नी-सूफ़ी धर्मगुरुओं से आह्वान किया कि वे अपने हुक्मरानों पर दबाव बनाएं कि भारत-विरोधी आतंकी गतिविधियों को रोका जाए और कश्मीर जैसे भारतीय क्षेत्रों में दखल देना बंद किया जाए।
“भारतीय मुसलमान देश के वफादार हैं”
मीटिंग में उप निदेशक सैयद आमिर मियाँ साहब ने मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की कानून विरोधी टिप्पणी या गतिविधि से बचें। मुफ्ती खुर्शीद आलम साहब ने कहा कि “हम भारतीय मुसलमान जिस तरह आज देश और सेना के साथ हैं। भविष्य में भी देश की सुरक्षा, अखंडता और भाईचारे की रक्षा के लिए इसी तरह साथ खड़े रहेंगे।”उन्होंने नफरत फैलाने वालों को चेताते हुए कहा कि “इस देश की मिट्टी में मोहब्बत है, नफरत की यहां कोई जगह नहीं है।”
