बरेली : यूपी के बरेली देहात के हाफिजगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पशु तस्करों के एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
गांव सावरखेड़ा में कटान से खुला पूरा मामला
कुछ दिन पहले गांव सावरखेड़ा में संरक्षित पशु के कटान की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। जांच के दौरान सामने आया कि यह काम एक संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा था।गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में इस वारदात को कबूल भी कर लिया है।
ऐसे चलता था तस्करी का पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले पशुओं को चोरी करते थे। उन्हें सावरखेड़ा के पास जंगल और झाड़ियों में छिपाकर बांध दिया जाता था। रात के अंधेरे में पशुओं का कटान किया जाता था, फिर मांस को वाहनों में भरकर सप्लाई किया जाता था
शक से बचने के लिए अपनाया गया यह तरीका
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल कुछ हिंदू समुदाय के लोगों को “करियर” के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पुलिस को उन पर शक न हो और तस्करी आसानी से चलती रहे।
सरगना स्थानीय, एक आरोपी फरार
बताया जा रहा है कि गिरोह का सरगना हाफिजगंज क्षेत्र का ही निवासी है। वहीं धौराटांडा का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस का दावा-जल्द होगी पूरी गैंग की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान कर ली गई है, और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि तस्करी के इस रैकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सके। यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि इलाके में चल रहे अवैध पशु तस्करी नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार है।
