बरेली: शहर को जल्द ही एक नया धार्मिक और पर्यटन स्थल मिलने जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई ‘राम वाटिका’ अब लगभग बनकर तैयार है। इस भव्य पार्क का लोकार्पण जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। रामायण की थीम पर तैयार की गई यह वाटिका बरेली के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र बन सकती है।
रामायण थीम पर विकसित की गई है राम वाटिका

राम वाटिका को पूरी तरह रामायण की थीम पर विकसित किया गया है। यहां भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों और पात्रों को कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है। पार्क में आकर्षक मूर्तियां, झांकियां और विभिन्न कलात्मक संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनके माध्यम से रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य यहां आने वाले लोगों को भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरित करना है।
पार्क में दिखेंगे रामायण के प्रमुख दृश्य

राम वाटिका में रामायण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दृश्य तैयार किए गए हैं। इनमें भगवान राम का वनवास, राम-सीता-लक्ष्मण की झांकियां, हनुमान जी के पराक्रम और रामायण के अन्य प्रसंगों को दर्शाने वाली प्रतिमाएं शामिल हैं। पूरे परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव कर सकें।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन सतर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों के साथ राम वाटिका परिसर का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य जरूरी तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
शहर के लिए बनेगा नया पर्यटन स्थल
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के अनुसार, राम वाटिका केवल एक पार्क नहीं बल्कि बरेली की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला स्थल साबित होगा। उनका कहना है कि इसके बनने से शहर की सुंदरता में इजाफा होगा और आने वाले समय में यह स्थान पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण बन सकता है।
स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण
राम वाटिका के लोकार्पण के बाद यह स्थान स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यहां परिवारों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अच्छी संख्या में आवाजाही होने की उम्मीद है। लोग यहां घूमने के साथ-साथ रामायण से जुड़े प्रसंगों को करीब से देख सकेंगे और भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा ले सकेंगे।
