मुंबई : भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई महापौर पद के लिए रितु तावड़े को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। मुंबई महानगरपालिका में महापौर का पद इस बार खुली श्रेणी में महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है, जिससे यह लगभग तय हो गया है कि मुंबई को एक बार फिर महिला महापौर मिलने जा रही है। खास बात यह है कि यह पहली बार होगा जब मुंबई महानगरपालिका को भाजपा का महापौर मिलेगा। भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने रितु तावड़े के नाम की घोषणा की। वहीं महायुति गठबंधन के तहत शिवसेना शिंदे गुट के संजय शंकर घाड़ी को उप महापौर पद के लिए नामित किया गया है, जिसकी घोषणा शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने की।
भाजपा की मेयर उम्मीदवार रितु तावड़े घाटकोपर क्षेत्र से तीन बार की पार्षद रह चुकी हैं। इसके साथ ही वह शिक्षा समिति की पूर्व अध्यक्ष भी रही हैं और नगर प्रशासन से जुड़े मामलों में उनका अच्छा खासा अनुभव माना जाता है। पार्टी का मानना है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के चलते वह महापौर पद की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा सकेंगी। रितु तावड़े के नाम की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
महापौर पद की उम्मीदवार घोषित होने पर रितु तावड़े ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलने पर बेहद अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे महानगर की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है और वह पूरी निष्ठा के साथ इस दायित्व को निभाने का प्रयास करेंगी।
वहीं उप महापौर पद के लिए नामित संजय शंकर घाड़ी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह महायुति गठबंधन के सभी नेताओं का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। शिवसेना शिंदे गुट ने स्पष्ट किया है कि संजय शंकर घाड़ी अगले सवा साल यानी करीब 15 महीनों तक उप महापौर पद पर बने रहेंगे।
शिवसेना सचिव संजय मोरे ने जानकारी देते हुए बताया कि उप महापौर के कार्यकाल को विभाजित करने की रणनीति के तहत घाड़ी को 15 महीने के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। दरअसल, संजय शंकर घाड़ी शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ पूर्व पार्षदों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था। शिवसेना अपने पार्षदों को अवसर देने के उद्देश्य से उप महापौर के कार्यकाल को बांटना चाहती है।
महापौर और उप महापौर पदों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सात फरवरी तय की गई है। इसके बाद 11 फरवरी को महापौर का चुनाव होना है। इसी क्रम में भाजपा और शिवसेना गठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी की। नामांकन के दौरान दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस भी महापौर और उप महापौर पदों के लिए अपने उम्मीदवार मैदान में उतार सकती हैं। हालांकि नगर निगम में संख्याबल को देखते हुए महायुति गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में 11 फरवरी को होने वाला चुनाव औपचारिकता भर माना जा रहा है और मुंबई को जल्द ही पहली बार भाजपा का महापौर मिलने जा रहा है।
