मथुरा/एटा : उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों ने एक बार फिर कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मथुरा और एटा से आई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में कुल नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और लापरवाही इन हादसों की बड़ी वजह बनकर सामने आई है।
पहला मामला मथुरा जिले के यमुना एक्सप्रेस-वे का है, जहां शनिवार तड़के करीब 2 बजकर 45 मिनट पर एक स्लीपर बस से उतरे यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। यह हादसा सुरीर थाना क्षेत्र के माइल स्टोन-88 के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के नांगलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही एक निजी स्लीपर बस में सवार कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए चालक से बस रोकने की गुजारिश की। आरोप है कि चालक ने तय ग्रीन जोन में बस रोकने के बजाय एक्सप्रेस-वे किनारे ही बस खड़ी कर दी।
बस रुकते ही कई यात्री नीचे उतरकर सड़क किनारे खड़े हो गए। इसी दौरान पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित हो गया। कंटेनर ने पहले बस में जोरदार टक्कर मारी और फिर नीचे खड़े यात्रियों को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। कंटेनर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया, जिसे राहत-बचाव कार्य के बाद खुलवाया गया। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वहीं दूसरी बड़ी घटना एटा जिले से सामने आई है, जहां तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराकर पलट गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब हरियाणा नंबर की एक प्राइवेट कैब गुरुग्राम से मैनपुरी जा रही थी। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। अचानक कार अनियंत्रित होकर पहले पेड़ से टकराई, फिर तीन बार पलटी खाते हुए सड़क से करीब 15 फुट नीचे गड्ढे में जा गिरी।
हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान मैनपुरी निवासी शिवम यादव (21), सुमित यादव (23) और मनकी (19) के रूप में हुई है। वहीं राहुल (28) और खुशबू (22) घायल हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कार में फंसे लोग करीब 10 से 15 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और सड़क के खतरनाक मोड़ को हादसे की वजह माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है। मथुरा और एटा की ये दोनों घटनाएं एक बार फिर चेतावनी देती हैं कि थोड़ी सी लापरवाही और तेज रफ्तार किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल जाती है। जरूरत है नियमों के सख्त पालन और जागरूकता की, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
