17 शिकायतों के बाद FIR, ड्राइवर बना साइबर फ्रॉड का जरिया?
बरेली : यूपी के बरेली में साइबर फ्रॉड और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का बड़ा मामला सामने आया है। शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शाहबाद निवासी एक ड्राइवर के बैंक खाते से महज पांच महीनों में 1.22 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है। साइबर सेल की जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
UPI से हुआ पूरा लेनदेन
प्रेमनगर थाने के साइबर सेल प्रभारी सब इंस्पेक्टर अक्षय त्यागी के अनुसार, शाहबाद निवासी नदीम खान का इंडियन ओवरसीज बैंक में खाता है। इस खाते में 20 जून से 3 नवंबर 2025 के बीच 61,94,864 रुपये विभिन्न UPI माध्यमों से जमा किए गए, और 60,82,012 रुपये की निकासी कर ली गई यानी कुल मिलाकर खाते से करीब 1.22 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ।
नेशनल क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर 17 शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया है कि नदीम के बैंक खाते को लेकर नेशनल क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर 17 अलग -अलग शिकायतें दर्ज हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जांच के बाद नदीम खान के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है।
दोस्त भी जांच के घेरे में
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि इस संदिग्ध लेनदेन में बारादरी थाना क्षेत्र के तलैया जोगी नवादा, मजार वाली गली निवासी नदीम का दोस्त मुस्तकीम भी शामिल हो सकता है।।फिलहाल साइबर सेल दोनों की भूमिका की गहन जांच कर रही है और लेनदेन से जुड़े अन्य खातों को भी खंगाला जा रहा है।
पहली रकम आने पर नहीं दी सूचना
जांच में यह भी सामने आया है कि जब नदीम के खाते में पहली बार संदिग्ध रकम आई, तब उसने न तो बैंक को सूचना दी, न ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि इससे यह साफ होता है कि नदीम ने जानबूझकर संदिग्ध धनराशि का आदान-प्रदान किया।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी या किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं।
