बरेली: एडवोकेट महजबीन की मौत के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन की अगुवाई एडवोकेट अच्छन अंसारी ने की। उनके साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता और मृतका के परिजन धरने पर बैठ गए।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
धरने के दौरान एडवोकेट अच्छन अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने अब तक केवल मृतका के पति और सास को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि अन्य नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजन लगातार उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल का एलान
एडवोकेट अच्छन अंसारी ने बताया कि पुलिस की इस लापरवाही के विरोध में अब परिजन और अधिवक्ता अनिश्चितकालीन धरने के साथ-साथ भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किन-किन लोगों पर दर्ज है मुकदमा
इस मामले में 27 नवंबर को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के तहत डॉक्टर मोहम्मद ताल्हा, ससुर डॉक्टर मेहंदी हसन सकलानी, देवर मोहम्मद हमजा, ननद मोहम्मद उजमा, सादमा, चमन और ननदोई फैजान के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने पति और सास को जेल भेज दिया है, लेकिन अन्य आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं।
प्रशासन को दी चेतावनी
धरने पर मौजूद अधिवक्ताओं और परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर में फिलहाल बड़ी संख्या में अधिवक्ता और परिजन मौजूद हैं और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
