टपरी डिस्टलरी केस ने लिया बड़ा मोड़, कई जिलों तक फैला शराब माफिया सिंडिकेट
बरेली : यूपी के टपरी डिस्टलरी से जुड़े 35 करोड़ रुपये के शराब टैक्स चोरी घोटाले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद सहारनपुर पुलिस ने शनिवार देर रात बरेली में बड़ी छापेमारी की। ग्रीन पार्क निवासी शराब कारोबारी नीरज जायसवाल के घर सहारनपुर पुलिस और एसओजी ने बारादरी पुलिस के सहयोग से दबिश दी, लेकिन आरोपी मौके से फरार मिला। छापेमारी के बाद पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा, हालांकि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्शन के बाद जांच का दायरा अब केवल सहारनपुर तक सीमित नहीं रहा। यह मामला बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और लखनऊ तक फैल चुका है। बताया जाता है कि सहारनपुर पुलिस की टीम फिलहाल बरेली में ही डटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार रणनीति बना रही है।
कैसे खुला 35 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला
इस बड़े घोटाले की जड़ें वर्ष 2021 से जुड़ी हैं, जब टपरी डिस्टलरी से एक ही गेटपास पर दो शराब के ट्रक निकाले गए थे। इनमें से एक ट्रक बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के हरुनगला के पास पकड़ा गया था। मामले में ट्रक चालक संजय और शराब कारोबारी मनोज जायसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।जांच जब लखनऊ एसआईटी को सौंपी गई, तो फर्जी गेटपास, गलत बिलिंग और बड़े पैमाने पर एक्साइज राजस्व चोरी का खुलासा हुआ। जांच आगे बढ़ी तो यह आंकड़ा करीब 35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी तक पहुंच गया।
27 लोगों पर गैंगस्टर, सिंडिकेट की परतें खुलीं
नौ दिसंबर को सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल, प्रणय अनेजा, अश्वनी उपाध्याय समेत कुल 27 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया। आरोप है कि मनोज जायसवाल ने शराब की दुकानों में बेनीफिटरी और मुखौटा नामों से निवेश कर रखा था और पूरा सिंडिकेट संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के अगले चरण में कारोबारियों के साथ-साथ अफसरों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।
ग्रीन पार्क में दबिश, लेकिन नीरज रहा फरार
बताया जाता है कि शनिवार देर रात ग्रीन पार्क इलाके में नीरज जायसवाल के घर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि दबाव बढ़ने के चलते नीरज या तो शहर छोड़ चुका है या किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा है।
मनोज जायसवाल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर देहात कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर केस में मनोज जायसवाल की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने जांच में सहयोग की शर्त पर यह राहत दी है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026 को होगी।
बरेली में क्यों डटी है सहारनपुर पुलिस
नीरज जायसवाल और कई अन्य आरोपी बरेली से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी अभी बरेली या आसपास के इलाकों में छिपे हो सकते हैं। इसी वजह से सहारनपुर पुलिस ने बरेली में मोर्चा संभाल रखा है और लगातार दबिश दी जा रही है।
गैंगस्टर केस में नामजद प्रमुख आरोपी
मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल, प्रणय अनेजा, अश्वनी उपाध्याय, कुलदीप सिन्हा, अजय जायसवाल, मनीष, अरविंद कुमार वर्मा, उपेंद्र गोविंद राव, प्रदीप गुप्ता, हरिशरण तिवारी, संजय कुमार, मांगेराम त्यागी, वीरेंद्र शंखधर समेत अन्य है।
