नई दिल्ली : आज की सबसे बड़ी और दुखद खबर महाराष्ट्र से आई है, जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेता और देश के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो गया। 90 वर्ष की आयु में उन्होंने आज सुबह लातूर स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। बताया जाता है कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उम्र संबंधी परेशानियों के चलते उनका घर पर ही इलाज किया जा रहा था। सुबह करीब 6:30 बजे उनके निधन की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई।
शिवराज पाटिल का पूरा नाम शिवराज पाटिल चाकुरकर था। वे न सिर्फ कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे, बल्कि उन्होंने भारतीय राजनीति में कई दशकों तक अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसे कई प्रतिष्ठित पदों की जिम्मेदारी संभाली, जिन्हें बहुत कम नेता अपने करियर में हासिल कर पाते हैं। वे लोकसभा के सभापति, केंद्रीय मंत्री, और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर से उनका गहरा नाता रहा और वहीं उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी हुई।
शिवराज पाटिल ने 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण सीट से विधायक के रूप में सेवा दी। इसके बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई और 1980 में वे लातूर से लोकसभा पहुंचे। उन्होंने लातूर लोकसभा क्षेत्र से सात बार सांसद के तौर पर जोरदार जीत दर्ज की, जो उनकी लोकप्रियता और प्रभावशाली छवि का प्रमाण है। एक सादगी पसंद, अनुशासित और शांत स्वभाव के नेता के रूप में उन्हें व्यापक सम्मान मिला।
साल 2008 में मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के दौरान शिवराज पाटिल देश के गृह मंत्री थे। उस हमले में सुरक्षा चूक को लेकर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि आतंकी हमले को रोक पाने में वह नाकाम रहे और यह उनकी जिम्मेदारी थी।
अपने पीछे वह एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बेटे शैलेश पाटिल, बहू अर्चना पाटिल, जिन्होंने पिछले साल बीजेपी के टिकट पर लातूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, और उनकी दो पोतियां परिवार में शामिल हैं। शनिवार को उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है, जिसमें प्रदेश और केंद्र के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
आज सुबह जैसे ही उनके निधन की खबर सामने आई, लातूर स्थित उनके घर ‘देवघर’ पर पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों की भीड़ जमा होना शुरू हो गई। बाहर पुलिस बल भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात है। हर कोई दुखी है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहा है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शिवराज पाटिल एक बेहद अनुशासित नेता थे। उनका व्यक्तित्व, उनका व्यवहार और उनका संयमित नेतृत्व शैली हमेशा मिसाल रही है। उन्होंने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति मिले।
