यूपी से लेकर नेपाल-बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तक फैला, जहरीले सिरप का नेटवर्क, ईडी की एंट्री के बाद सियासी हलचल तेज
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कोडीन युक्त कफ सिरप के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जहरीले कफ सिरप का नेटवर्क यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, बंगाल से लेकर नेपाल, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तक फैला हुआ था, और इस अवैध धंधे ने कई मासूमों की जान ली है।
सपा अध्यक्ष का दावा- सीएम के करीबी लोग भी शामिल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नशीले सिरप के कारोबार में मुख्यमंत्री के खास लोगों और कई अफसरों की संलिप्तता की चर्चा है।उन्होंने कहा कि “प्रदेश में एक जिला- एक माफिया मॉडल चल रहा है। माफिया बेखौफ़ हैं, और सरकार संरक्षण में काला कारोबार बढ़ रहा है।”
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र का भी कनेक्शन
सपा प्रमुख ने कहा कि वाराणसी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र, में भी यह धंधा गहराई तक फैला है। उन्होंने बताया कि 38 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और स्थानीय माफियाओं के नाम सामने आ रहे हैं।
अखिलेश ने प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि “केंद्र सरकार को अब कड़े कदम उठाने ही होंगे।”
वाराणसी में वकील की मौत पर उठे सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने खुलासा किया कि सेंट्रल बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की एक वर्ष पहले इसी कफ सिरप के सेवन से मौत हो गई थी, लेकिन उनके परिवार की शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि “वहाँ एक जाति विशेष के माफिया करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं। जीरो टॉलरेंस और बुलडोजर कहीं दिखाई नहीं देता।”उन्हें वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, भदोही, आज़मगढ़ और गाजीपुर सहित पूर्वांचल के कई जिलों में यह धंधा ऊपर से मिली शह में फलने-फूलने का आरोप लगाया।
ईडी की एंट्री से बढ़ी हलचल-केंद्रीय सत्ता के दूसरे सबसे ताकतवर नेता की नजरें टिक गईं
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि ED की एंट्री के बाद साफ है कि अब मामला सिर्फ पुलिस या प्रदेश सरकार का नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि देश के “दूसरे नंबर के कद्दावर सत्ताधारी नेता की नजरें इस केस पर टिकी हैं। क्योंकि, वाराणसी के पड़ोसी जिले के एक बाहुबली से उनकी नाराज़गी जगजाहिर है।” अखिलेश का दावा है कि कोडीन सिंडिकेट का सरगना शुभम बाहुबली के रिश्तेदारों के साथ सांठगांठ में 84 करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है, और कई महंगी गाड़ियां गिफ्ट कर चुका है।
माफियाओं को ‘महंगा प्रोटेक्शन’, सत्ताधारी नेता का भी नाम आया
उन्होंने कहा कि जांच में यह भी बात सामने आई है कि वाराणसी के एक बाहुबली का शागिर्द भी करोड़ों लेकर बैठ गया, जबकि शुभम को “प्रोटेक्शन देने के बदले भारी रकम और महंगे गिफ्ट” लेने का आरोप कुछ सत्ताधारी नेताओं पर भी है।
सीबीआई जांच हुई तो कई व्हाइट कॉलर बेनकाब होंगे-अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मांग की कि पूरी जांच बिना राजनीतिक दबाव के CBI से कराई जाए, और कहा-“अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो कई सफेदपोशों के चेहरे काले पड़ जाएंगे।”
सपा ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर ‘नाम कटने’ पर जताई आपत्ति
सपा ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि 403 विधानसभा क्षेत्रों में लाखों मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट और मृतक श्रेणी में डालकर डिलीट करने की तैयारी की जा रही है। सपा का आरोप है कि बीएलओ द्वारा पिछड़े, अत्यंत पिछड़े, मुस्लिम और दलित बाहुल्य इलाकों में गणना प्रपत्र न तो सही से बांटे जा रहे हैं और न ही एकत्र किए जा रहे हैं।
गलत श्रेणी में दिखाकर हटाने का आरोप
कई जगह बीएलओ स्वयं ही फॉर्म भरकर जमा कर दे रहे हैं। उन्होंने प्रयागराज में कुल 2.94 लाख मतदाता गलत श्रेणी में दिखाकर हटाने की कार्रवाई, कानपुर के कई विधानसभा क्षेत्रों में 28 हजार से 60 हजार तक नाम डिलीट करने की तैयारी, कन्नौज के कई बूथों पर सपा समर्थक मतदाताओं को गलत श्रेणी में डालकर फॉर्म सबमिट, प्रयागराज शहर पश्चिमी में एक बूथ पर 1143 मतदाता लापता बताए जा रहे, सम्भल में बीएलओ द्वारा मतदाताओं पर आज ही फॉर्म जमा करने का दबाव बनाया है।
दोबारा जांच को दिया ज्ञापन
सपा ने मांग की है कि 16 दिसंबर 2025 को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम डिलीट होने से पहले पूरी पुनःजांच कराई जाए और बीएलओ की गलत रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सपा नेताओं के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने सौंपा।
