योगी सरकार की 265 करोड़ की पेयजल क्रांति, बरेली के 76,465 घरों में पहुंचेगा शुद्ध पानी, दो साल में 92 फीसद जलापूर्ति का लक्ष्य
बरेली : योगी सरकार ने बरेली को पीने के पानी की सबसे बड़ी सौगात दी है। अमृत 2.0 परियोजना के तहत शहर के 76,465 घरों को पहली बार शुद्ध पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुल 265 करोड़ की इस मेगा परियोजना की टेंडर प्रक्रिया इसी महीने शुरू हो रही है, जिसके बाद दो वर्षों में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
परियोजना से क्या बदलेगा?
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि अमृत 2.0 के तहत शहर में पेयजल संतृप्तीकरण 51% से बढ़कर 92% तक पहुंच जाएगा। यानी लगभग पूरा बरेली अगले दो साल में शुद्ध पीने के पानी से जुड़ जाएगा। शहर की 2011 की जनगणना के अनुसार 80 वार्ड हैं। जिनमें से 34 पूर्णतया असंतृप्त और 21 आंशिक असंतृप्त वार्ड थे। अब इन क्षेत्रों को पहली बार निर्बाध जलापूर्ति मिलेगी। 19 नए ओवरहेड टैंक (OHT), 37 नलकूप, 302.36 किमी वितरण पाइपलाइन, 19.47 किमी राइजिंग मेन, 76,465 नए घरों में कनेक्शन, ग्राउंड वाटर रिचार्ज संरचनाएँ। इन सभी संरचनाओं के पूरा होने के बाद शहर की जलापूर्ति 77.5 LPCD से बढ़ाकर 135 LPCD का राष्ट्रीय मानक सुनिश्चित किया जाएगा।
क्यों जरूरी थी ये परियोजना?
वर्तमान में शहर के 1.90 लाख घरों में से सिर्फ 93,194 घरों में ही पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति है।
यानि आधी आबादी आज भी टैंकर या हैंडपंप पर निर्भर है। पिछले वर्षों में किए गए सर्वे में कई वार्डों, जैसे वार्ड 38, 31, 7, 26, 14, 64, 53 आदि में शुद्ध पेयजल की भारी कमी पाई गई। इसी गैप को भरने के लिए अमृत 2.0 को प्राथमिकता दी गई।
नागरिकों पर यह होगा खर्च
नए कनेक्शन का मासिक टैरिफ 130 रुपये, 2026-27 में बढ़कर 135 रुपये, 2040 तक 170 रुपये, 2055 तक 210 रुपये है। ये शुल्क दीर्घकालिक जलापूर्ति व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए तय किए गए हैं।
यह बोले डीएम
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि “अमृत 2.0 बरेली के लिए ऐतिहासिक परियोजना है। 76 हजार से ज्यादा घर पहली बार पाइपलाइन से पीने का पानी पाएंगे। दो साल में पूरी जलापूर्ति व्यवस्था बदल जाएगी।”उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में जमीन की कमी है, वहाँ अवर जलाशय के लिए स्थल जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
