नई दिल्ली : संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को एक गंभीर और असाधारण स्थिति देखने को मिली, जब लोकसभा में हंगामे के बीच सदन की मर्यादा टूट गई। शोर-शराबे और विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंक दिए, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष की ओर से तत्काल सख्त रुख अपनाया गया। पीठासीन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्पीकर की ओर कागज फेंकना असंसदीय और अनुशासनहीन आचरण है तथा ऐसे सदस्यों की पहचान कर उनके नाम दर्ज किए जाएंगे। दोपहर करीब तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही चौथी बार शुरू हुई, तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है और इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद स्पीकर की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा गया।
सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस कार्रवाई के तहत कुल आठ सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद सदन में हंगामा थमता नजर नहीं आया और विपक्ष का विरोध जारी रहा। लगातार व्यवधान और शोर-शराबे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः हालात को देखते हुए सदन की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद की गरिमा, अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे सदन में माहौल कब और कैसे सामान्य होता है।
