लखनऊ : यूपी में जल्द शुरू होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। सरकार ने 46 IAS अफसरों के तबादले किए हैं, जिनमें 10 जिलों के जिलाधिकारी बदल दिए गए हैं। माना जा रहा है कि चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक कसावट के उद्देश्य से यह बड़ा reshuffle किया गया है।
जिन जिलों में नई तैनाती की गई है उनमें हाथरस, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर, बलरामपुर और कौशांबी प्रमुख हैं। इन जिलों में नए DM भेजकर सरकार संदेश दे रही है कि आने वाले समय में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कुछ अहम विभागों में भी बड़े बदलाव देखे गए हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग की सचिव धनलक्ष्मी के. अब मत्स्य पालन विभाग में महानिदेशक की भूमिका निभाएंगी। वहीं सार्वजनिक उद्यम विभाग के महानिदेशक संजय कुमार को मानवाधिकार आयोग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह बदलाव दोनों पदों की कार्यशैली और निगरानी को और मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. रूपेश कुमार को सहारनपुर का मंडलायुक्त बनाया गया है। उनके स्थान पर यूपीसीडा के CEO मयूर माहेश्वरी को ऊर्जा निगम की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव को काफी रणनीतिक माना जा रहा है, हालांकि चर्चा यह भी है कि मयूर माहेश्वरी को साइड लाइन किया गया है, जबकि इन्वेस्ट यूपी के CEO विजय किरन आनंद का कद और बढ़ा है। उन्हें यूपीसीडा के CEO का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

प्रशासनिक हलकों में इन तबादलों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ गर्म हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी को मेरठ के मंडलायुक्त पद पर भेजा गया है। वहीं मौजूदा मेरठ मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर याशोद को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए राजस्व विभाग में सचिव, राहत आयुक्त और चकबंदी आयुक्त बनाया गया है।
इन महत्वपूर्ण बदलावों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि सरकार आने वाले महीनों में शासन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त वातावरण में आगे बढ़ाना चाहती है। खासकर उस समय जब SIR के साथ-साथ निकट भविष्य में विभिन्न चुनावी गतिविधियाँ भी होने जा रही हैं।
कुल मिलाकर यह तबादला सूची सिर्फ अफसरों के पद बदलने की कवायद नहीं है, बल्कि संदेश यह भी है कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई धार देने के मूड में है। आगे आने वाले दिनों में और भी बड़े निर्णय देखने को मिल सकते हैं।
