लखनऊ/जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के अम्बरगढ़ गांव में एक चौंकाने वाली और खतरनाक घटना सामने आई है। यहां ग्रामीणों के घरों में लगे हैंडपंप और नलों से अचानक पानी की जगह पेट्रोलियम पदार्थ निकलने लगा। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है और स्वास्थ्य व सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
गांव में दहशत, झाग, गंध और फिर आग
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पानी में झाग और अजीब गंध आ रही थी। पहले लोगों ने सोचा कि शायद जल स्रोत गंदा हो गया है, लेकिन स्थिति तब गंभीर हो गई जब कुछ लोगों ने उस पानी को आग के पास लाकर देखा और उसमें आग लग गई। इससे यह साफ हो गया कि यह सामान्य पानी नहीं बल्कि पेट्रोलियम पदार्थ है।
ग्रामीण बोले – “अब तो पानी पीने से डर लग रहा है”
स्थानीय निवासी अनूप कुमार, रामलला गुर्जर और ऋषभ गुर्जर ने बताया कि अम्बरगढ़ गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन अब उसमें से पेट्रोल जैसा तरल निकल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और कई लोग बीमार भी हो सकते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि तुरंत गांव में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।प्रभावित परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। जल स्रोतों की वैज्ञानिक जांच और सफाई की जाए।
प्रशासन हुआ सतर्क, कई विभागों की टीम भेजी गई
इस प्रकरण पर जिला अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। डीएम ने बताया कि “अम्बरगढ़ गांव में पेयजल स्रोत में पेट्रोल जैसी सामग्री की शिकायत पर जिलापूर्ति अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण, अग्निशमन विभाग एवं वैज्ञानिक भूगर्भ जल विभाग को तत्काल मौके पर भेजा गया है। स्थिति की स्थलीय जांच की जा रही है और सभी संभावित स्रोतों की बारीकी से छानबीन की जा रही है।”
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की आशंका
अम्बरगढ़ गांव की स्थिति बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कहीं आसपास कोई अवैध पेट्रोलियम भंडारण या रिसाव तो नहीं हो रहा जिससे ज़मीन के नीचे के जल स्रोत दूषित हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं पाइपलाइन लीकेज या अवैध रासायनिक डंपिंग के कारण हो सकती हैं, जो न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक है।
अब आगे क्या ?
फिलहाल गांव में पेयजल आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है और बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने तक गांव में आपातकालीन पेयजल सेवाएं जारी रहेंगी। वैज्ञानिक दल जल स्रोतों, पाइपलाइनों और आसपास की जमीन की सैंपलिंग कर रही है।
खतरे की घंटी, क्या यह सिर्फ एक गांव की कहानी है?
यह घटना सिर्फ अम्बरगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। अगर भूगर्भ जल स्रोत पेट्रोलियम से दूषित हो रहे हैं, तो यह भविष्य में पर्यावरणीय और स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती है।
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