लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार कर कहा कि भाजपा विकास विरोधी और भ्रष्टाचार पोषित सरकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नदियों की सफाई का वादा कर जनता को ठगा और अब जनता भाजपा की सफाई का कार्यक्रम बना चुकी है। अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई के नाम पर जनता से वादे किए लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में गोमती और गंगा जैसी नदियों की सफाई के नाम पर केवल बजट की लूट और भ्रष्टाचार हुआ है”नदियों की सफाई के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। समाजवादी सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट के रूप में एक मॉडल प्रस्तुत किया था, जिसे भाजपा ने द्वेष भावना से रोक दिया।”उन्होंने यह भी कहा कि ‘नमामि गंगे’ योजना केवल एक राजनीतिक जुमला बनकर रह गई है और गंगा नदी की स्थिति आज भी जस की तस है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि रासायनिक प्रदूषण के कारण गंगा में कई जलीय प्रजातियाँ विलुप्ति के कगार पर हैं।
यमुना को लेकर उठाए सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अब यमुना नदी की सफाई होगी या केवल राजनीतिक स्टंटबाज़ी?। उन्होंने कहा कि ताजमहल के पीछे बहने वाली यमुना की बदहाली देश की छवि को धूमिल कर रही है। “भाजपा ने नमामि गंगे की तरह यमुना को भी ठगने का माध्यम बना लिया है। जंतु और पादप जीवन खतरे में हैं, और भाजपा केवल प्रचार में व्यस्त है।”
समाजवादी मॉडल को बताया समाधान
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट के ज़रिए नदियों की सफाई और सौंदर्यीकरण का मॉडल पेश किया था। जिसे आज भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने भाजपा नेताओं को समाजवादियों से ट्यूशन लेने और “गेस्ट लेक्चर” में भाग लेने की भी सलाह दी ताकि वे यह सीख सकें कि नदियों को कैसे साफ किया जाता है।
जनता तैयार है सफाई के लिए
बयान के अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चाहे जितना भी बचाव करे, अब जनता ने ठान लिया है कि सफाई भाजपा की होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता से विदाई के साथ ही “सब कुछ अपने आप साफ हो जाएगा।”
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