भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार, युवाओं और निवेशकों को किया आगाह
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शेयर बाजार में एक ही दिन में लगभग 19 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘महामंदी का इशारा’ बताया है। उन्होंने इस आर्थिक संकट के लिए केंद्र की भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार और दोषी ठहराया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और अब शेयर मार्केट का महापतन, तीनों ने मिलकर देश की आम जनता की जेबें पूरी तरह खाली कर दी हैं। उन्होंने याद दिलाया कि यही वो सत्ताधारी लोग हैं, जिन्होंने संवैधानिक पदों पर रहते हुए अवैध तरीकों से आम जनता को शेयर बाजार में निवेश के लिए बहकाया था।
‘धैर्य रखें, दिखावटी लालच से बचें’
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि, “शेयर से हर लेन-देन पर मुनाफा कमाने वाले बिचौलियों को आम निवेशकों से कोई हमदर्दी नहीं है। ऐसे लोगों के कारण ही आज देश का मध्यम वर्ग और युवा वर्ग लालच के जाल में फँसकर नुकसान झेल रहा है।” अखिलेश यादव ने आम निवेशकों, खासकर युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों को आगाह करते हुए कहा कि वे बाजार की अनिश्चितता और दिखावटी लाभ के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा, “अगर आम लोगों के पैसे शेयर बाजार में डूबते हैं, तो इसका असर सिर्फ व्यक्तिगत नहीं होता, पूरा बाजार और देश की इकॉनमी प्रभावित होती है।”
‘बेरोजगारी और भुखमरी से जूझ रहे हैं लोग’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहले से ही करोड़ों लोग नोटबंदी और मंदी की मार से परेशान हैं। ऐसे में शेयर बाजार की गिरावट ने उनके लिए जीविका के विकल्प भी खत्म कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “देश की 99 फीसद आबादी इस गिरावट की चपेट में अप्रत्यक्ष रूप से आ रही है। यह केवल अमीरों का संकट नहीं है, यह हर आम भारतीय की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल रहा है।”
भाजपा को बताया दोषी
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार केवल जिम्मेदार नहीं, बल्कि दोषी है, इस दोहरे आर्थिक संकट के लिए, जिसने एक ओर अमीरों को और अमीर बनाया, और दूसरी ओर गरीबों से उनकी रोज़ी-रोटी भी छीन ली। भाजपा सरकार की नोटबंदी पर भी तंज कसा।
