बरेली के मीरगंज तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस संपन्न, शिकायतकर्ताओं से की गई सीधी बातचीत
बरेली : यूपी के बरेली ज़िले की मीरगंज तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मौके पर ही शिकायत निस्तारण रजिस्टर की समीक्षा की और शिकायतकर्ताओं को फोन कर वास्तविक स्थिति जानी। शिकायतकर्ताओं से हुई बातचीत में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई ऐसी शिकायतें, जिन्हें रिकॉर्ड में ‘निस्तारित’ दर्शाया गया था, वास्तव में हल ही नहीं की गई थीं। यह सुनकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “जनता दर्शन, तहसील दिवस और थाना समाधान दिवस मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।”
शिकायतों की जमीनी हकीकत जानने के लिए उठाया सख्त कदम

जिलाधिकारी ने समाधान दिवस के दौरान रजिस्टर में दर्ज दर्जनों शिकायतों की खुद पड़ताल की और फोन पर शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद किया। कई मामलों में उन्हें पता चला कि बिना समाधान के ही कागज़ों में मामले ‘निस्तारित’ कर दिए गए हैं। इस पर उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि आगे भी इस प्रकार की लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रमुख शिकायतें और दिए गए त्वरित निर्देश

सम्पूर्ण समाधान दिवस में नागरिकों ने विभिन्न जनहित से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनमें अवैध कब्जे, राशन कार्ड में यूनिट जोड़ने, पेंशन व गौशाला में विद्युत कनेक्शन जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। इस दौरान दोंद आलमपुर के एक निवासी ने आम रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को पैमाइश कर चकरोड खाली कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधान हल्दी खुर्द ने गौशाला में बिजली कनेक्शन की मांग की, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत को तत्परता से कार्यवाही करने के आदेश मिले। एक अन्य शिकायतकर्ता ने राशन कार्ड में यूनिट जोड़ने का निवेदन किया, जिस पर जिला पूर्ति अधिकारी को नियमानुसार त्वरित समाधान का निर्देश मिला।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिन्होंने मौके पर शिकायतों को सुना और समाधान हेतु कार्यवाही शुरू की। उपस्थित अधिकारियों में शामिल थे। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह, जिला विकास अधिकारी: दिनेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव,उपजिलाधिकारी, मीरगंज तृप्ति गुप्ता आदि मौजूद थे।
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