आगरा : यूपी के आगरा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला उजागर किया है। इसमें आरोपी फेक महिला प्रोफाइल और लड़की की आवाज का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी दुर्गेश सिंह तोमर, निवासी ग्वालियर, को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनमें ठगी के कई सबूत मिले हैं।
टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ता था शिकार, फिर देता था मुनाफे का लालच
एडीसीपी आदित्य कुमार के अनुसार, आरोपी पहले टेलीग्राम ग्रुप पर लोगों को जोड़ता और खुद को ऑनलाइन ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताता। वह उच्च रिटर्न का लालच देकर लोगों को पैसे निवेश करने के लिए उकसाता था।
लड़की की नकली आवाज से करता था रोमांटिक बात, बनाता था संबंध
दुर्गेश सिंह ने तकनीकी रूप से उन्नत रोबोटिक वॉयस कनवर्टर का इस्तेमाल कर लड़की की आवाज में बात करता था। वह खुद को महिला बताकर मीठी-मीठी बातें करता, दोस्ती और फिर रिश्ते की बात करता। इस तरीके से वह शिकार को भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसा लेता था।
हनी ट्रैप का इस्तेमाल, वीडियो-फोटो बनाकर करता था ब्लैकमेल
जब कोई व्यक्ति उसकी बातों में आकर वीडियो कॉल या अश्लील चैटिंग में फंसता, तो वह उनकी रिकॉर्डिंग कर लेता। इसके बाद शुरू होती थी ब्लैकमेलिंग “अगर पैसे नहीं दिए, तो तुम्हारी फोटो-वीडियो वायरल कर दूंगा।”इस तरह कई पीड़ितों ने डर के कारण लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
अब तक 25 से अधिक लोग बन चुके हैं शिकार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दुर्गेश अब तक 20 से 25 लोगों को ठग चुका है। पुलिस ने साइबर फॉरेंसिक की मदद से मोबाइल डेटा और चैट रिकॉर्डिंग जब्त की है। आगे की जांच जारी है।
ADCP बोले,“यह हाई-टेक साइबर क्राइम का उदाहरण है”
एडीसीपी आदित्य कुमार ने कहा कि “यह मामला साइबर अपराध के खतरनाक और हाईटेक रूप का उदाहरण है। युवक ने तकनीक के जरिए लोगों की भावनाओं के साथ खेला। हम इस केस में अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क कर रहे हैं।”
सावधान रहें! पुलिस की जनता को अपील
किसी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।अत्यधिक मुनाफे के लालच में आकर कोई वित्तीय निवेश न करें। वीडियो कॉल या निजी चैट करते समय सतर्क रहें। किसी भी धमकी मिलने पर तुरंत 112 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
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