लखनऊ/ रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद से होकर गुजरने वाली लखनऊ-रायबरेली रेललाइन पर शनिवार एक अलर्ट कर देने वाली घटना सामने आई। हरचंदपुर और कुंदनगंज स्टेशनों के बीच अचानक रेल पटरियों के किनारे आग लग गई। जिससे तीन प्रमुख ट्रेनों को आपात रूप से रोका गया और रेल यातायात करीब 45 मिनट तक बाधित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हरचंदपुर और कुंदनगंज स्टेशन के मध्य ट्रैक किनारे तेज़ लपटें और धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने आसपास से गुजर रही ट्रेनों को तुरंत रोकने का निर्णय लिया। इससे रेलवे कर्मचारियों में हलचल मच गई, वहीं ट्रेनों में सफर कर रहे यात्री भी घबराहट और परेशानी में दिखाई दिए।
तीन बड़ी ट्रेनें हुईं प्रभावित
बताया जाता है कि उत्तर रेलवे नीलांचल एक्सप्रेस (पुरी से आनंद विहार) हरचंदपुर से आगे निकलने के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर रोकी गई, और खड़ी रही। गरीब रथ स्पेशल (धनबाद से चंडीगढ़) हरचंदपुर स्टेशन पर रोकी गई। पंजाब मेल (अमृतसर से हावड़ा) कुंदनगंज स्टेशन पर रोकी गई। तीनों ट्रेनें पौन घंटे तक प्रभावित रहीं और इस कारण से आगे के स्टेशनों पर भी टाइमिंग बिगड़ गई।
धुएं ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार, लोको पायलट ने दी सूचना
वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) ने मीडिया को बताया कि ट्रैक के किनारे खेतों में लगी आग और झाड़ियों में उठती लपटों के कारण धुएं का घना गुबार छा गया था। इतना अधिक धुआं था कि ट्रेन के लोको पायलट को भी आगे का रास्ता नहीं दिख रहा था। उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद बाकी गाड़ियों को भी रोका गया। गनीमत रही कि आग की लपटें ट्रैक तक नहीं पहुंचीं, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
ट्रेनों में बैठे यात्री परेशान, गर्मी बनी और मुसीबत
तेज़ गर्मी के बीच अचानक ट्रेनों के रुकने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एसी कोचों में तापमान नियंत्रित था, लेकिन जनरल कोचों में यात्री पसीने से बेहाल दिखे। कई लोग ट्रेन से नीचे उतरकर इधर-उधर छांव की तलाश में टहलते नजर आए।
पेड़ों की टहनियां और झाड़ियां बनीं खतरा, रेलवे लापरवाह
यह घटना रेलवे की लापरवाही और असावधानी का परिणाम भी मानी जा रही है। ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाली रेलवे पटरियों के किनारे झाड़ियां और पेड़ों की टहनियां लंबे समय से सफाई के अभाव में बनी हुई हैं। हाल ही में गंगागंज के पास एक पेड़ की डाल ट्रैक पर गिर गई थी, अब झाड़ियों में लगी आग के चलते ट्रेनें रोकनी पड़ीं। ऐसे में गर्मियों के दौरान आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन न तो पेड़ कटवा रहा है, न झाड़ियां हटवा रहा है।
