लखनऊ/कानपुर/बदायूं : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न घाटों पर स्नान के दौरान कई दर्दनाक हादसे हो गए। बदायूं और कानपुर में कुल 4 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई जबकि 2 अब भी लापता हैं। बचाव कार्य जारी है।
बदायूं में तीन हादसों में एक की मौत, दो लापता
बदायूं जिले में गुरुवार को गंगा स्नान के दौरान तीन अलग-अलग जगहों पर हादसे हुए। कुल सात लोग डूबे। इसमें से चार को सुरक्षित बचा लिया गया। एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक किशोर और एक किशोरी लापता हैं। इसमें दातागंज में एक की मौत, और दो को बचाया गया, जबकि दातागंज थाना क्षेत्र के बेला डांडी रामगंगा घाट पर तीन दोस्त गहरे पानी में डूबने लगे। इसमें से अमन (18 वर्ष) की मौत हो गई। मगर, अखिलेश को सुरक्षित निकाला गया है।
परिजनों में मचा कोहराम
बदायूं में एक श्रद्धालु की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। हादसे में 12 साल का अन्नू निवासी गांव धापड़, तहसील सहसवान लापता है। ग्रामीणों ने एक अन्य बच्चे को बचा लिया। गोताखोरों को बुलाया गया है, तलाश जारी। मुजरिया में16 वर्षीय किशोरी नीतू लापता है। सगराय गांव निवासी नीतू अपनी दादी और सहेली के साथ घाट पर स्नान को आई थी।सहेली के अनुसार स्नान के दौरान नीतू गंगा में डूब गई। उसकी भी तलाश जारी है।
कानपुर में गंगा में नहाते समय तीन की मौत
कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र में गंगा स्नान के दौरान तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। तीनों लोग अपनी बहन के यहां मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे। यह हादसा कल्लूपुरवा, अकबरपुर सेंध घाट हुआ। इसमें बलराम (22 वर्ष) निवासी थाना शिवली, कानपुर देहात, संदीप (20)निवासी थाना बिधनू, कानपुर नगर और एक 14 वर्षीय बालिका निवासी कल्लूपुरवा सेन पश्चिम पारा, कानपुर नगर डूब गए। गोताखोरों ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
सावधानी की दरकार
हर साल गंगा दशहरा जैसे पर्वों पर असंख्य श्रद्धालु घाटों पर स्नान करने पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और लापरवाही जानलेवा साबित होती है। प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों को सजग रहने की जरूरत है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
![]()
