अपहरण और वसूली के आरोप में दरोगा और दो सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज
पुलिसकर्मियों ने निर्दोष युवक को किया था अगवा, मांगे थे दो लाख
बरेली। कानून का शिकंजा अब सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि कानून की आड़ में अपराध करने वाले वर्दीधारियों पर भी कसने लगा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीनी हकीकत बना दिया है। हालिया कार्रवाई में उन्होंने फतेहगंज पश्चिमी पुलिस चौकी की पूरी टीम को निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों पर अपहरण, धमकी और जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
ताजा मामला थाना फतेहगंज पश्चिमी की पुलिस चौकी का है, यहां तैनात दरोगा बलवीर सिंह और सिपाही मोहित चौधरी व हिमांशु ने अपनी वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर डाला। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक निर्दोष किसान को जबरन उठा लिया और उसे मादक पदार्थों के झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए दो लाख रुपये की मांग की।
घटना गुरुवार रात की है। फतेहगंज पश्चिमी चौकी प्रभारी बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु, भिटौरा गांव निवासी किसान बलवीर के घर पहुंचे। बिना किसी वारंट के घर में घुसकर उन्होंने तलाशी ली। सामान बिखेर दिया और फिर जबरन बलवीर को अपने साथ उठा ले गए। इसके बाद बलवीर को एक निजी आवास में बंधक बनाकर परिजनों को फोन किया। धमकी दी गई कि बलवीर स्मैक तस्करी में शामिल है और अगर उसे छुड़ाना है तो दो लाख रुपये का इंतजाम करो। परिवार सकते में आ गया, लेकिन डरने के बजाय उन्होंने मामले की शिकायत सीधे आईजी और एसएसपी बरेली से कर दी।
एसएसपी के निर्देश पर जब सीओ हाईवे मौके पर पहुंचे। तो पुलिसिया रंगबाजी करने वाले ये आरोपी खुद ही भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस ने बलवीर को छुड़ा लिया और जब मामले की जांच हुई। तो आरोप पूरी तरह से सही निकले। फतेहगंज पश्चिमी चौकी प्रभारी समेत तीनों पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
अब आरोपी पुलिसकर्मी फरार हैं और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, दरोगा बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु पर आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
