लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का उद्देश्य जनता की सेवा नहीं, बल्कि पूंजीपतियों की तिजोरियां भरना है। लखनऊ स्थित सपा के प्रदेश मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व सीएम ने दो अहम मुद्दों बिजली के निजीकरण और नोएडा में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
बिजली निजीकरण को बताया पूंजीपतियों की जेब भरने की चाल
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली के निजीकरण के पीछे अपने पूंजीपति मित्रों से मिलने वाले एकमुश्त चंदे की लालच में है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा कि “भाजपा जनता से सीधे वसूली नहीं कर सकती। इसलिए निजी पूंजीपतियों के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डाल रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली के निजीकरण के बाद ना केवल बिजली दरें मनमानी ढंग से बढ़ेंगी, बल्कि इससे हज़ारों कर्मचारियों की नौकरियाँ भी खतरे में पड़ेंगी। यह सिर्फ भाजपा और उनके उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने की योजना है।
पूर्व सीएम ने आशंका जताई कि अगर यही सिलसिला चलता रहा, तो कल पानी, सड़कों और यहाँ तक कि सरकार चलाने का काम भी ठेके पर दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का निजीकरण एजेंडा दरअसल आरक्षण समाप्त करने और सामाजिक न्याय की अवधारणा को खत्म करने की साजिश है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी बिजली कर्मचारियों, आरक्षण समर्थकों और आम जनता के साथ है और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष करेगी।
नोएडा एनकाउंटर पर सख्त टिप्पणी: “भाजपा किसी की सगी नहीं”
सपा प्रमुख ने नोएडा में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में भी भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के जिन 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर हुई है। अब उन्हें भाजपा सरकार या कोई भाजपाई बचाने नहीं आएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आगाह करते हुए कहा “जब पुलिसवाले हत्या के आरोपी बनेंगे, तो वे अकेले जेल जाएंगे, लेकिन उनके परिवार को समाज में अपमान और तिरस्कार का सामना करना पड़ेगा। भाजपा उनके साथ नहीं खड़ी होगी, क्योंकि भाजपा किसी की सगी नहीं है।” उन्होंने फोर्स के जवानों से अपील की कि वे किसी भी ग़ैरक़ानूनी कार्य में भाजपा का मोहरा न बनें, क्योंकि, जब जिम्मेदारी तय होगी, तब सरकार हाथ खींच लेगी और पूरा दोष केवल पुलिसवालों पर आएगा।
बिजली का निजीकरण रोका जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि बिजली का निजीकरण रोका जाना चाहिए।भाजपा के पूंजीवाद समर्थक मॉडल का विरोध जरूरी है। पुलिस को फर्जी मुठभेड़ों से दूर रहना चाहिए। आरक्षण और सामाजिक न्याय के खिलाफ किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देने की चेतावनी दी।
